खरसिया :- कुर्रुभांठा से सिंघनपुर तक सड़क पर ट्रेलर और हाइवा वाहनों की लंबी कतार ने यातायात व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की कतार के चलते कई स्थानों पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि राहगीरों और छोटे वाहन चालकों को निकलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

सड़क किनारे और सड़क के हिस्से में भारी वाहनों को लंबे समय तक खड़ा किए जाने से जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। कई जगह वाहन चालकों द्वारा कथित तौर पर एक ही दिशा में दो-दो ट्रेलर खड़े कर दिए जाने से सड़क का काफी हिस्सा घिर जा रहा है। इससे पीछे आने वाले वाहनों के लिए रास्ता बेहद संकरा हो जाता है और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में भारी वाहन सड़क पर किस व्यवस्था के तहत खड़े हो रहे हैं? यदि वाहनों को खड़ा करने की कोई निर्धारित व्यवस्था या पार्किंग स्थान है, तो उसका पालन क्यों नहीं कराया जा रहा? और यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो जिम्मेदार विभाग की निगरानी कहां है?

जाम की स्थिति केवल वाहन चालकों के लिए परेशानी नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर वाहनों की बेतरतीब पार्किंग किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
जांच के बाद तय हो जिम्मेदारी
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि कुर्रुभांठा से सिंघनपुर तक बार-बार ऐसी स्थिति क्यों निर्मित हो रही है। जाम की वास्तविक वजह क्या है, किन परिस्थितियों में भारी वाहनों को सड़क पर खड़ा किया जा रहा है और यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी किसकी है—इन सभी बिंदुओं की प्रशासन को गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

यदि जांच में किसी वाहन चालक, परिवहन से जुड़े व्यक्ति अथवा संबंधित व्यवस्था की लापरवाही सामने आती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। केवल जाम खुलवाने की औपचारिकता के बजाय जाम की स्थायी समस्या का समाधान जरूरी है।
प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल
कुर्रुभांठा से सिंघनपुर तक भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित यातायात विभाग को संवेदनशील स्थानों की पहचान कर नियमित निगरानी करनी चाहिए। सड़क पर मनमाने ढंग से भारी वाहन खड़े करने वालों पर कार्रवाई और यातायात व्यवस्था के लिए स्पष्ट नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
अब देखना होगा कि सड़क पर पैदा हुई इस अव्यवस्था को लेकर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और जाम के लिए जिम्मेदार कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की दिशा में क्या कदम उठाता है।

