शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण और साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘काव्य कलश शिक्षक रत्न सम्मान 2026’
बिलाईगढ़:- शासकीय प्राथमिक विद्यालय बांसउरकुली में पदस्थ सहायक शिक्षक (विज्ञान) जीतेन्द्र गिरि गोस्वामी ‘जीत’ को शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘काव्य कलश शिक्षक रत्न सम्मान 2026’ से उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया।
काव्य कलश कला एवं साहित्य मंच, खरसिया द्वारा 6 सितंबर को गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि बृजभूषण द्विवेदी, कुलपति, जगरानी देवी विश्वविद्यालय, बाराद्वार, सक्ती रहे।
शिक्षक गोस्वामी ने शिक्षा से दूर हो रहे बच्चों को घर-घर संपर्क के माध्यम से विद्यालय से जोड़ने के साथ गतिविधिपरक एवं आनंदमय शिक्षण को बढ़ावा दिया। ‘कबाड़ से जुगाड़’, खेल-खेल में अधिगम, डिजिटल संसाधनों के उपयोग तथा बैगलेस डे जैसी नवाचारी गतिविधियों को उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’, ‘एक पेड़ शिक्षक के नाम’, ‘एक गमला शहीदों के नाम’ और ‘एक बच्चा एक पौधा’ जैसे अभियानों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति एवं पौधों की देखभाल से जोड़ा। पालक संवाद, जनजागरूकता और सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय सहभागिता रही है।
शिक्षण के साथ साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय गोस्वामी की कविताएं, गीत एवं लघुकथाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, ई-पत्रिकाओं और साझा संकलनों में प्रकाशित हुई हैं। 35 से अधिक पुस्तकों तथा 50 से अधिक ई-पत्रिकाओं एवं साझा संकलनों में उनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं।
उन्हें पूर्व में शिक्षक प्रतिभा पुरस्कार, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान 2023 एवं 2024, काव्य कलश शिक्षक रत्न पुरस्कार 2025, लघुकथा लेखन प्रथम पुरस्कार 2026 एवं दिनकर राष्ट्रीय काव्य सम्मान सहित विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
शिक्षा, साहित्य, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों को साथ लेकर चलने वाली उनकी कार्यशैली उन्हें एक सक्रिय एवं संवेदनशील शिक्षक के रूप में विशिष्ट पहचान देती है। ‘काव्य कलश शिक्षक रत्न सम्मान 2026’ उनके निरंतर प्रयासों की सराहना के साथ समाज के लिए और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी है।

