रायपुर, 6 नवंबर 2024, नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आज तीसरा एवं अंतिम दिन है।
पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 24 वर्षों की इस अल्पायु में ही छत्तीसगढ़ ने नवीन औद्योगिक विकास नीतियों के माध्यम से विकास के कई नए आयाम गढ़े हैं।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में “ अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन @ 2047″ के नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारम्भ हो चुका है।
1 नवंबर, 2024 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2030 तक छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नवीन उद्योग नीतियों को लागू कर एक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है।
इस नवीन एवं महत्वपूर्ण नीति का लक्ष्य समग्र औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार सृजन एवं अग्रणी औद्योगिक राज्य की परिकल्पना को साकार करना है। साथ ही बृहद उद्यमों के माध्यम से पब्लिक एवं प्राइवेट सेक्टर हेतु प्रोत्साहन देना है।
नवीन औद्योगिक नीति में सरलीकृत एवं संतुलित नीति के द्वारा उद्यम आकांक्षा की अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष किया जा रहा है।
इसके लिए प्रभावशील क्रियान्वयन एवं त्वरित निर्णयों हेतु “मंत्रिमंडलीय उप समिति” का भी गठन किया जाएगा।
भारत सरकार की एमएसएमई परिभाषा के अनुरुप उद्यम श्रेणियों का निर्धारण एवं औद्योगिक दृष्टि से पिछड़े विकासखण्डों में अतिरिक्त “औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन” के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य को उद्योग के क्षेत्र में विकसित राज्य बनाना है।
रोजगार रणनीति के द्वारा प्रथम बार “1000 से अधिक स्थानीय रोजगार सृजन” के आधार पर बी-स्पोक पैकेज निर्धारित किया गया है।
इसी तरह नवीन पहल नीति के तहत
राज्य के सेवानिवृत अग्निवीर सैनिकों व आत्मसमर्पित नक्सली के लिए 10 प्रतिशत अधिक अनुदान देने का प्रावधान है।
उद्योग विभाग ने “अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2024 ” के अपने नई नीतियों में अनुसूचित जाति/अनु.जनजाति वर्ग हेतु प्रोत्साहन योजना का भी शुभारंभ किया है।
इस तरह छत्तीसगढ़ राज्य अपनी नई-नई उद्योग नीतियों से देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
राज्योत्सव स्थल में उद्योग विभाग के स्टॉल में छत्तीसगढ़ राज्य के विकसित राज्य बनने की सभी पहलुओं पर प्रमुखता के साथ उन सभी नवीन औद्योगिक नीतियों को प्रदर्शित किया गया है जिससे आम नागरिकों को परिचय करवाया जा सके।

