खरसिया :- खरसिया क्षेत्र में अवैध महुआ शराब के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। गांवों में खुलेआम बन और बिक रही कच्ची महुआ शराब से परेशान होकर ग्राम पंचायत महुआपाली की महिलाएं शनिवार को सरपंच प्रतिनिधि के साथ खरसिया पुलिस चौकी पहुंचीं और लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि गांव में भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है, जिससे पूरे गांव का माहौल बिगड़ गया है। शराब के कारण कई घर बर्बाद हो रहे हैं और कम उम्र के बच्चे तक पढ़ाई छोड़कर नशे के आदी बनते जा रहे हैं।
ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि शराब के नशे में आए दिन गांव में गाली-गलौज, झगड़ा और मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे गांव की महिलाओं और रोज स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों को असुरक्षा और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले गांव में हुई एक हत्या के पीछे भी शराब को बड़ा कारण माना जा रहा है।
इधर, खरसिया क्षेत्र में अक्सर समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर यह खबरें सामने आती रहती हैं कि पुलिस ने किसी गांव से इतने लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब लगातार कार्रवाई हो रही है, तो फिर गांवों में शराब का यह जहर आखिर बंद क्यों नहीं हो रहा?
इसी विरोधाभास के कारण अब लोगों के मन में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब हालात इतने खराब हैं तो कार्रवाई का असर जमीनी स्तर पर क्यों दिखाई नहीं देता।
नशा बन रहा अपराध की सबसे बड़ी वजह
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि आज अधिकांश छोटे-बड़े और जघन्य अपराधों के पीछे नशा ही मुख्य कारण बनता जा रहा है। चाहे वह शराब हो, गांजा, नशीली गोलियां या इंजेक्शन। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी मात्रा में नशे का सामान क्षेत्र में पहुंच कैसे रहा है।
महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गांव में अवैध महुआ शराब के निर्माण और बिक्री पर कठोर कार्रवाई की जाए और इस कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि गांव का माहौल सुधर सके और युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बचाया जा सके।

