खरसिया :- राबर्टशन ( चपले ) में अडानी रेलवे साइडिंग पर कोयला लोड भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से गांवों के लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है। दिन-रात दौड़ते ट्रकों से सड़कें जर्जर हो रहे हैं, धूल-गर्द से लोगों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और जिम्मेदार कंपनियां सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक सैकड़ों कोयला लोड गाड़ियां गांवों के बीच से गुजरती हैं। इन ट्रकों से उड़ने वाली कोयले की धूल सीधे लोगों के घरों, खेतों और दुकानों में पहुंच रही है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है, जिन्हें सांस और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ धूल ही नहीं, बल्कि इन भारी वाहनों की वजह से सड़क हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार तेज रफ्तार ट्रकों के कारण दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रक चालक गांव के रास्तों को ही हाईवे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
गांव वालों का आरोप है कि बार-बार सुचना देने बावजूद न तो ट्रकों की गति पर नियंत्रण किया जा रहा है और न ही धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया जाता है। सड़कें भी जगह-जगह से टूट चुकी हैं, जिससे लोगों का आवागमन और ज्यादा मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि प्रशासन को तुरंत ट्रकों की गति सीमा और नियमित छिड़काव जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि गांवों के लोगों को राहत मिल सके।

