ग्रामीणों का आरोप — सरपंच खुद भी शासकीय भूमि पर काबिज, अब चार अन्य अवैध कब्जाधारियों का दे रहे संरक्षण
बरमकेला। (सारंगढ़-बिलाईगढ़)।ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में अवैध कब्जों को लेकर तहसील प्रशासन की सख्ती अब पंचायत तक पहुँच गई है। सरपंच उज्ज्वल मिरी पर आरोप है कि वे खुद कब्जाधारी हैं और प्रशासन को गुमराह कर कार्रवाई रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

तहसीलदार सरिया द्वारा चार व्यक्तियों को शासकीय भूमि से बेदखली का नोटिस जारी किया गया था। लेकिन सरपंच ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर कार्रवाई स्थगित करने की मांग कर दी। ग्रामीणों का कहना है — “जो खुद कब्जे में हो, वो बेदखली कैसे होने देगा?”

ग्रामवासियों ने खुलकर आरोप लगाया कि उज्ज्वल मिरी ने पद का दुरुपयोग करते हुए खुद और अन्य कब्जाधारियों का पक्ष लिया। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि पूरी तरह शासन की संपत्ति दर्ज है, बावजूद इसके सरपंच द्वारा ‘गांव में अशांति’ का बहाना बनाकर कार्रवाई रोकने की सिफारिश की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत राज अधिनियम की धारा 56 के अनुसार सरपंच की जिम्मेदारी है कि वह अवैध कब्जों को हटवाए, लेकिन यहां सरपंच ही कब्जाधारियों के साथ खड़े दिख रहे हैं।

लोगों ने जिला प्रशासन से तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरपंच खुद कब्जाधारी पाए जाते हैं, तो उन्हें पद से हटाकर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत में पारदर्शिता और विश्वास कायम हो सके।
यह मामला अब गांव की सीमाओं से निकलकर जनप्रतिनिधियों की निष्ठा और प्रशासनिक ईमानदारी पर सवाल खड़ा कर चुका है।

