खरसिया :- 5 सितम्बर, शिक्षक दिवस के अवसर पर खरसिया में एक बार फिर गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव देखने को मिला। मदनपुर कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में खरसिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेश नंद कुमार पटेल ने परंपरा को निभाते हुए ब्लॉक के सभी सेवा निवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने उन्हें श्रीफल और अंगवस्त्र भेंट किया तथा उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया।

पिता की परंपरा को आगे बढ़ा रहे विधायक
विधायक उमेश नंद कुमार पटेल ने कार्यक्रम में भावुक होते हुए कहा कि “आज से 24 साल पहले मेरे पिता शहीद नंद कुमार पटेल ने सेवा निवृत्त शिक्षकों को सम्मानित करने की परंपरा की शुरुआत की थी। उस समय खरसिया प्रदेश का पहला विधानसभा क्षेत्र था, जिसने सेवा निवृत्त शिक्षकों को सम्मानित करने की अनूठी पहल की थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा कांग्रेस परिवार निभाता आ रहा है और मैं इसे आगे बढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त कर रहा हूँ।”

उन्होंने कहा कि उनके पिता अधिक पढ़ाई नहीं कर पाए थे, लेकिन शिक्षा के महत्व को समझते थे। इसलिए उनका सपना था कि खरसिया विधानसभा क्षेत्र में कभी स्कूलों और शिक्षकों की कमी न हो। इसी सोच के तहत उन्होंने खरसिया तहसील में नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय स्थापित करवाए ताकि हर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। आज खरसिया तहसील प्रदेश का वह विशेष क्षेत्र है जहाँ दोनों प्रकार के विद्यालय संचालित हो रहे हैं।

शिक्षकों ने रखी अपनी माँग
सम्मान पाकर सेवा निवृत्त शिक्षकों के चेहरे गर्व और प्रसन्नता से चमक उठे। उन्होंने विधायक के प्रयासों की सराहना की और क्षेत्र में शिक्षा के प्रति निरंतर हो रहे कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर शिक्षकों ने विधायक से एक विशेष मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि “यदि खरसिया बीओ कार्यालय में हमारे लिए एक अतिरिक्त कक्ष की व्यवस्था कर दी जाए, तो हमें बैठकों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बहुत सुविधा होगी।”
शिक्षकों के महत्व पर जोर

विधायक उमेश नंद कुमार पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक ही समाज की सच्ची धरोहर हैं। वही नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि “मैं आज जो भी हूँ, उसमें मेरे शिक्षकों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं।

कार्यक्रम में रहा उत्साहपूर्ण माहौल
समारोह में उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। पूरा वातावरण गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और सम्मान से सराबोर हो गया। शिक्षक दिवस जैसे विशेष अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज में शिक्षा और शिक्षक दोनों का महत्व सर्वोपरि है।


