स्वास्थ्य केंद्र बना शयन कक्ष , डॉक्टर और स्टाप नींद में गाफिल ।
जनता का स्वास्थ्य ऐसे सिस्टम के भरोसे?…
सोता रहा डॉक्टर और भटकते रहे मरीज़
जगदलपुर :- सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जहां मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं, वहीं डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी नींद में गाफिल हैं। ये स्वास्थ्य केंद्र अब बीमारों का सहारा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सोने और आराम करने का शयनकक्ष बन चुका है
स्वास्थ्य केंद्र में ‘इलाज नहीं, आराम जरूरी’ का माहौल
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि डॉक्टर और स्टाफ अपने कक्षों में मौजूद नहीं हैं, और जिन रूमों में वे होने चाहिए, उनमें या तो ताले लटके हैं या फिर वे खाली हैं। जो मौजूद भी हैं, वे न तो मरीजों की फिक्र कर रहे हैं, न ही किसी चिकित्सा कार्य में दिखते हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टर और स्टाफ केवल दो घंटे सुबह 11 बजे से 1 बजे तक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाई देते हैं। बाकी समय वे या तो आराम फरमाते हैं या गायब रहते हैं।
मरीजों की पीड़ा से अनजान सिस्टम…
बीमार और जरूरतमंद लोग डॉक्टर के बाहर घंटों बैठकर इंतजार करते हैं, पर इलाज नहीं मिलता। यह स्थिति सिर्फ एक दिन की नहीं है बल्कि यह रोज का दृश्य बन चुका है। न जांच, न दवा, न देखभाल। मरीजों के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है, और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही जान जोखिम में डाल रही है।
क्या जिला प्रशासन सो रहा है?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ऐसी स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, तो क्या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन भी नींद में है? वीडियो के वायरल होने के बाद भी अगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो यह भ्रष्टाचार और लापरवाही की खुली छूट मानी जाएगी। सरकारी अस्पताल का यह हाल दर्शाता है कि जनता की सेहत से कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर स्वास्थ्य केंद्र “आरामगाह” और “शयन कक्ष” बन जाएंगे, तो आम आदमी इलाज के लिए कहाँ जाए?
ज़रूरी है कठोर कार्रवाई…
अब समय आ गया है कि स्वास्थ्य विभाग केवल नोटिस या पूछताछ तक सीमित न रहे, बल्कि ज़िम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों पर तत्काल ठोस कार्रवाई और विभागीय जांच की जाए।

