77वें गणतंत्र दिवस पर भव्य समारोह, देश की ऊर्जा सुरक्षा में अहम योगदान
सिंघीतराई, सक्ती, 28 जनवरी। वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट (वीएलसीटीपीपी) प्रबंधन द्वारा 77वां गणतंत्र दिवस समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर संयंत्र की उपलब्धियों और देश की औद्योगिक प्रगति में उसके योगदान को रेखांकित किया गया।

वेदांता लिमिटेड द्वारा ग्राम सिंघीतराई में अधिग्रहित 1200 मेगावॉट क्षमता वाले विद्युत संयंत्र की 600 मेगावॉट की पहली इकाई का सफल प्रचालन प्रारंभ हो चुका है। समारोह के दौरान वीएलसीटीपीपी के मुख्य प्रचालन अधिकारी श्री देवेंद्र कुमार पटेल ने ध्वजारोहण कर सलामी गारद का निरीक्षण किया और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया।

अपने उद्बोधन में श्री पटेल ने बताया कि वेदांता समूह के निवेश से वर्षों से बंद पड़े इस संयंत्र का कायाकल्प कर उत्पादन शुरू किया गया है। वर्तमान में पहली इकाई से 600 मेगावॉट विद्युत उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में संयंत्र की पहली इकाई ने 92 प्रतिशत से अधिक प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) हासिल किया, जो टीम की कुशलता, प्रबंधन उत्कृष्टता और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का प्रमाण है।
उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि कंपनी की उत्पादन लागत को न्यूनतम रखते हुए वैश्विक स्तर पर एक बेंचमार्क स्थापित किया जाए। साथ ही सुरक्षा मानकों पर किसी भी प्रकार का समझौता न करने और संयंत्र को दुर्घटना-शून्य बनाने पर जोर दिया। श्री पटेल ने यह भी कहा कि संयंत्र की प्रगति से आसपास के समुदायों को भी लाभ मिल रहा है, विशेषकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में किए गए कार्यों के माध्यम से।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर औद्योगिक सुरक्षा, सिक्योरिटी, हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 50 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पर्यावरण प्रमुख श्री प्रियरंजन त्रिवेदी ने किया, जबकि प्रशासन प्रमुख एवं उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री प्रेम चंद्र झा ने आभार व्यक्त किया।
वेदांता पावर के बारे में
वेदांता समूह भारत के प्रमुख निजी थर्मल ऊर्जा उत्पादकों में शामिल है। समूह के पास 12,000 मेगावॉट से अधिक थर्मल पावर उत्पादन की क्षमता है। इसके संयंत्र मानसा (पंजाब), सिंघीतराई (छत्तीसगढ़), तिरुपति (आंध्र प्रदेश) और झारसुगुड़ा (ओडिशा) में स्थित हैं। इन संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता 4,780 मेगावॉट है, जो देशभर में विभिन्न डिस्कॉम, उपयोगिताओं और उद्योगों को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं।

