खरसिया/रायगढ़ :- ग्राम परसकोल निवासी मृतक रमेश चौहान की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक की पत्नी किरण चौहान ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) खरसिया द्वारा जारी ईश्तहार पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।आवेदिका किरण चौहान ने अपने आवेदन में बताया कि 28 फरवरी 2026 को अनिल चौहान की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा उनके पति रमेश चौहान को पूछताछ के लिए थाना खरसिया लाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनके पति के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें पैरालिसिस जैसे लक्षण हो गए।
परिजनों के अनुसार, पुलिस द्वारा आनन-फानन में रमेश चौहान को सिविल अस्पताल खरसिया में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के बावजूद उचित उपचार नहीं कराया गया। आरोप है कि पुलिस ने जबरन सुपुर्दनामा पर हस्ताक्षर करवाकर मरीज को अस्पताल में ही छोड़ दिया।
इसके बाद परिजन स्वयं गंभीर हालत में रमेश चौहान को पहले खरसिया एसडीएम कार्यालय ले गए, जहां से आर्थिक सहायता और एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें रायगढ़ अस्पताल भेजा गया। जांच में सिर की नस फटने और ब्रेन में खून जमने की स्थिति सामने आई, जिसके बाद उन्हें रायपुर के डी.के.एस. अस्पताल रेफर किया गया।
परिवार का कहना है कि समय पर सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण निजी एंबुलेंस से रायपुर ले जाया गया, जहां 5 मार्च 2026 को इलाज के दौरान रमेश चौहान की मृत्यु हो गई।वहीं, एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी ईश्तहार में यह उल्लेख किया गया है कि रमेश चौहान को पूछताछ के बाद परिजनों के साथ भेज दिया गया था और उनकी तबीयत खराब होने पर इलाज के दौरान मौत हुई। इस कथन को परिजनों ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
किरण चौहान ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि उनके पति की मौत पुलिस की मारपीट के कारण हुई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।इस मामले में एसडीएम खरसिया द्वारा दण्डाधिकारी जांच जारी है और 23 मार्च 2026 तक आमजन से भी जानकारी मांगी गई है।

