रायपुर/खरसिया :- 4 फरवरी 2026।
ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नई दिशा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में VB-G RAM G (विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन, ग्रामीण) योजना तेजी से ज़मीन पर उतर रही है। यह पहल पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) व्यवस्था की जगह लेकर ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, बेहतर आय और टिकाऊ विकास के अवसर प्रदान कर रही है।
खरसिया ब्लॉक के गुरदा पंचायत में डबरी निर्माण कार्यस्थल पर आज एक प्रचार-प्रसार एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां श्रमिकों को योजना के लाभों की जानकारी दी गई और उनसे सीधा संवाद स्थापित किया गया।
🔹 योजना के प्रमुख लाभ
▪ 125 दिनों की रोजगार गारंटी
अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 100 के बजाय 125 दिन का मजदूरी आधारित रोजगार सुनिश्चित होगा — यानी 25 दिन अतिरिक्त काम और सीधी आय में बढ़ोतरी।
▪ समयबद्ध मजदूरी भुगतान
कार्य सप्ताह के भीतर भुगतान अनिवार्य है। 15 दिनों से अधिक देरी होने पर श्रमिकों को ब्याज सहित मजदूरी मिलेगी।

▪ पारदर्शिता और जवाबदेही
बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मॉनिटरिंग और सीधे बैंक खाते में भुगतान से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण।
▪ ग्रामीण विकास पर फोकस
डबरी, जल संरक्षण, सड़क निर्माण और भूमि सुधार जैसे कार्यों से स्थायी संपत्तियों का निर्माण होगा। इससे खेती की उत्पादकता, जल स्तर और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
▪ श्रमिक सम्मान और सशक्तिकरण
स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से पलायन कम होगा। महिलाओं और युवाओं को गांव में ही अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रफुल्ल किंडो ने किया। उन्होंने कहा,
> “VB-G RAM G योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का नया अध्याय है। 125 दिनों का रोजगार और समय पर मजदूरी गांवों को आत्मनिर्भर बनाएगी।”
तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देते हुए पूजारानी चंद्रा ने डबरी निर्माण की गुणवत्ता पर जोर दिया। वहीं विनीता राठिया ने पंजीकरण प्रक्रिया, मजदूरी भुगतान और अन्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
उपस्थित श्रमिकों ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि अधिक रोजगार दिवस, समय पर भुगतान और गांव में ही काम मिलने से उनकी आजीविका सुरक्षित हो रही है।
VB-G RAM G योजना छत्तीसगढ़ सहित देशभर में ग्रामीण भारत को रोजगार, सम्मान और स्थायी विकास की नई राह दिखा रही है।

