बिलासपुर :- जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के एक मामले में सख्त कदम उठाया है। पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाकर उसे पोस्ट करना एक आरक्षक को महंगा पड़ गया। मामला सामने आते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे लाइन अटैच कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, मस्तूरी थाने में पदस्थ आरक्षक देवानंद कैवर्त ने अपनी पत्नी के साथ पुलिस यूनिफॉर्म पहनकर एक रील बनाई थी। यह रील “हैलो रानी, हाय रानी” गाने पर आधारित थी, जिसे बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया। वीडियो में आरक्षक वर्दी में डांस और अभिनय करते हुए नजर आए, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद इसे पुलिस वर्दी के दुरुपयोग और अशोभनीय आचरण के रूप में देखा गया। पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार, वर्दी की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी होती है, और इस तरह की गतिविधियां अनुशासन के खिलाफ मानी जाती हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किया। आदेश के तहत आरक्षक देवानंद कैवर्त को मस्तूरी थाने से हटाकर रक्षित केंद्र, बिलासपुर में अटैच कर दिया गया। इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन बनाए रखने और अन्य कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्दी केवल एक ड्रेस नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। ऐसे में उसका दुरुपयोग या उसे मनोरंजन का साधन बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि सोशल मीडिया के दौर में सरकारी कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों प्रति अधिक सजग रहने की आवश्यकता है। पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि वर्दी की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

