कुनकुनी में अवैध रेत डंपिंग का मामला गरमाया, जबलपुर से ट्रैक्टरों के जरिए रेत पहुंचाने का आरोप; रेत और गिट्टी की रॉयल्टी प्रस्तुत नहीं करने पर पेनल्टी और कार्रवाई की चेतावनी
खरसिया :- रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र अंतर्गत कुनकुनी स्थित वेदांता रेलवे साइडिंग में कथित अवैध रेत डंपिंग का मामला सामने आने के बाद खनिज विभाग हरकत में आ गया है। ग्राम जबलपुर से ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत लाकर रेलवे साइडिंग परिसर में डंप किए जाने की शिकायत के बाद मामला सुर्खियों में आया। स्थानीय पत्रकारों द्वारा इस मुद्दे को प्रिंट मीडिया और न्यूज पोर्टलों के माध्यम से प्रमुखता से उठाए जाने के बाद खनिज विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच और छापेमार कार्रवाई की।

छापेमारी में मिला रेत का डंप, विभाग ने थमाया तीन दिन का नोटिस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग की टीम ने वेदांता रेलवे साइडिंग में जांच के दौरान रेत का डंप पाया। मौके पर रेत के साथ बड़ी मात्रा में गिट्टी भी मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद विभाग ने रेलवे साइडिंग प्रबंधन को तीन दिन का नोटिस जारी कर डंप की गई रेत और गिट्टी से संबंधित वैध रॉयल्टी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर खनिज सामग्री की वैधता और रॉयल्टी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार पेनल्टी लगाने तथा आगे की कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
जबलपुर से कुनकुनी तक रेत परिवहन पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि ग्राम जबलपुर से ट्रैक्टरों के जरिए लाई जा रही रेत का स्रोत क्या है? क्या इस खनिज सामग्री के परिवहन और भंडारण के लिए आवश्यक अनुमति तथा रॉयल्टी संबंधी दस्तावेज उपलब्ध हैं?
इन सवालों का जवाब अब खनिज विभाग की जांच और संबंधित पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, तीन दिन का नोटिस जारी होने के बाद रेलवे साइडिंग में रखी रेत और गिट्टी की वैधता को लेकर मामला महत्वपूर्ण हो गया है।
पत्रकारों की खबर के बाद हरकत में आया विभाग
स्थानीय पत्रकारों द्वारा इस मामले को मीडिया में उठाए जाने के बाद खनिज विभाग की कार्रवाई ने क्षेत्र में खनिज परिवहन और भंडारण की व्यवस्था पर चर्चा तेज कर दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस की समयसीमा समाप्त होने के बाद विभाग क्या कदम उठाता है और संबंधित प्रबंधन रेत एवं गिट्टी की रॉयल्टी के दस्तावेज प्रस्तुत कर पाता है या नहीं।
तीन दिन बाद क्या होगा? कार्रवाई पर टिकी निगाहें
वेदांता रेलवे साइडिंग को जारी तीन दिन का नोटिस इस मामले में अगला निर्णायक कदम माना जा रहा है। यदि निर्धारित समय में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो विभागीय नियमों के अनुसार जुर्माना, पेनल्टी अथवा अन्य वैधानिक कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित प्रबंधन निर्धारित समय में रॉयल्टी के दस्तावेज पेश करेगा, या फिर खनिज विभाग आगे कठोर कार्रवाई करेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।
फिलहाल, कुनकुनी स्थित वेदांता रेलवे साइडिंग में कथित अवैध रेत डंपिंग का मामला जांच के दायरे में है। विभागीय कार्रवाई के अगले चरण और नोटिस के जवाब पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।

