चाकू की नोक पर अगवा कर हासिल किए मोबाइल और UPI पासवर्ड, QR कोड के जरिए खाते से रकम ट्रांसफर कराई; ₹99,100 नकद, बाइक, चाकू और मोबाइल जब्त
पुसौर के ग्राम जकेला से अपहरण कर भूपदेवपुर क्षेत्र के पंडरीपानी में बनाया था बंधक, परिजनों की सतर्कता से सकुशल मुक्त हुए प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पहले आरोपी को 24 घंटे के भीतर पकड़ा, पूछताछ और लगातार दबिश से तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
रायगढ़ :- 9 अक्टूबर 2026। रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता के अपहरण और लूट के सनसनीखेज मामले में रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर सुनियोजित साजिश के तहत प्रोफेसर को निशाना बनाया, उन्हें चाकू की नोक पर डराकर अगवा किया और मोबाइल फोन के पासवर्ड के साथ Google Pay एवं BHIM UPI की जानकारी हासिल कर डिजिटल माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई। इसके बाद पीड़ित को भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी में एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया था।
परिजनों को फोन पर बातचीत के दौरान संदेह होने पर उन्होंने तलाश शुरू की और पंडरीपानी पहुंचकर प्रोफेसर को मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। घटना की सूचना मिलते ही पुसौर पुलिस सक्रिय हुई और तकनीकी जानकारी, पूछताछ तथा अलग-अलग स्थानों पर दबिश के माध्यम से मामले की परतें खोलते हुए चारों आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल ₹99,100 नकद, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार, पहले आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि शेष तीन आरोपियों को लगातार पतासाजी और घेराबंदी के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का दावा किया है।
इवनिंग वॉक के दौरान अकेले बैठे प्रोफेसर को बनाया निशाना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम जकेला निवासी कपूर चंद गुप्ता, पिता डमरूधर गुप्ता, उम्र 47 वर्ष, ने थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह गांव के डीपापारा और शोभा राइस मिल के आसपास इवनिंग वॉक कर रहे थे।
चलते-चलते थकान महसूस होने पर वह सड़क किनारे स्थित डबरी के पास एक माइलस्टोन पत्थर पर बैठकर आराम करने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर पहले से बनाई गई योजना के अनुसार उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने उन्हें पकड़कर डबरी के पीछे सुनसान स्थान पर ले गए और आंखों पर पट्टी बांध दी।
इसके बाद पेट, गर्दन और छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित को डराकर और मारपीट कर उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड हासिल किया गया। साथ ही Google Pay और BHIM UPI एप से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर ली गई। इसके बाद आरोपी उन्हें मोटरसाइकिल से दूसरे स्थान पर ले गए, जहां वारदात को आगे अंजाम दिया गया।
UPI और QR कोड के जरिए कराए गए डिजिटल ट्रांजेक्शन
जांच के दौरान पुलिस के सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर डिजिटल भुगतान की सुविधा का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित के खाते की उपलब्ध ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त होने तक रकम निकालने की कोशिश की। इस दौरान पीड़ित को लगातार धमकाया जाता रहा। आरोपियों ने उनसे घर पर फोन करवाकर सामान्य बातचीत भी कराई, ताकि परिजनों को किसी अनहोनी या अपहरण का संदेह न हो।
डिजिटल लेन-देन के बाद भी आरोपियों ने पीड़ित को रिहा नहीं किया। उनकी आंखों पर दोबारा पट्टी बांधी गई और उन्हें मोटरसाइकिल से खरसिया क्षेत्र की ओर ले जाया गया। कुछ देर रुकने के बाद आरोपियों ने उन्हें थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी स्थित एक मकान के कमरे में बंधक बनाकर रखा।
परिजनों की सतर्कता से बची बड़ी अनहोनी, पंडरीपानी में छोड़कर भागे आरोपी
प्रोफेसर के परिजनों को फोन पर बातचीत के दौरान कुछ असामान्य महसूस हुआ। उन्हें संदेह हुआ कि बातचीत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हो रही है। इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और प्रोफेसर की तलाश करते हुए ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए।
परिजनों और ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्रोफेसर को सकुशल मुक्त कराया और थाने लाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 256/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 309(6), 142 एवं 351(3) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
इस पूरे घटनाक्रम में परिजनों की सतर्कता निर्णायक साबित हुई। समय रहते संदेह होने और तलाश शुरू करने के कारण बंधक बनाए गए प्रोफेसर तक पहुंचना संभव हो सका।
तीन दिन पहले रची गई थी अपहरण और लूट की साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले ही योजना बना ली थी। बताया गया कि 3 अक्टूबर 2026 को मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे। यहां तीनों ने मिलकर अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई।
इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम आरोपी दिनेश सारथी के भाई की काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से ग्राम जकेला स्थित राइस मिल के पास पहुंचे। वहां उन्होंने प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता को सड़क किनारे अकेले बैठे मोबाइल देखते हुए पाया।
आरोपियों ने कथित तौर पर अलग-अलग रास्तों से प्रोफेसर के पास पहुंचकर उन्हें घेर लिया और धक्का देकर गिराने के बाद पकड़ लिया। फिर उन्हें डबरी के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर चाकू की नोक पर धमकाया और मोबाइल तथा डिजिटल भुगतान से संबंधित पासवर्ड हासिल किए।
इसके बाद पीड़ित को अलग-अलग स्थानों पर ले जाते हुए पंडरीपानी में बंधक बनाकर रखा गया। वहां भी आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल से QR कोड के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराने की कोशिश जारी रखी। पुलिस के अनुसार, परिजनों को संदेह होने और उनके तलाश करते हुए पहुंचने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
पुलिस ने आरोपियों को घटनाक्रम से जुड़े स्थानों पर ले जाकर घटना का रिक्रिएशन भी कराया है। हालांकि, डिजिटल ट्रांजेक्शन, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और जब्त सामग्री से संबंधित साक्ष्यों की विवेचना आगे जारी है।
पहले आरोपी की गिरफ्तारी से खुलीं परतें, तीन अन्य भी पुलिस की गिरफ्त में
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपियों की पतासाजी की।
पुलिस ने सुनील सारथी को सारंगढ़ क्षेत्र से पकड़ा। घटना के 24 घंटे के भीतर हुई इस गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके छोटे भाई नरेंद्र उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी की तलाश तेज की गई।
लगातार दबिश और घेराबंदी के बाद तीनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने प्रोफेसर को नौकरीपेशा और सीधे-सादे व्यक्ति के रूप में देखकर उन्हें आसान निशाना समझा था। उनकी मंशा अपहरण के जरिए रकम ऐंठने की थी।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी और वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान की बरामदगी की है। इस तरह पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
₹99,100 नकद बरामद, बाइक, चाकू और चार मोबाइल फोन जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर कुल ₹99,100 नकद बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त निम्न सामग्री जब्त की गई है—
राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत से एक मोबाइल फोन।
नरेंद्र महंत उर्फ नंदू महंत से दो मोबाइल फोन।
दिनेश सारथी से एक चाकू।
दिनेश सारथी की निशानदेही पर ग्राम पंडरीपानी से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल।
जब्त सामग्री को प्रकरण में साक्ष्य के रूप में लिया गया है। पुलिस डिजिटल लेन-देन, रकम के हस्तांतरण और आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही थी, जबकि राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत, दिनेश सारथी और नरेंद्र उर्फ नंदू महंत को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा था।
पुलिस ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पूर्व में हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और विवरण
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
सुनील कुमार विशाल उर्फ सुनील सारथी, पिता बरतराम विशाल, उम्र 32 वर्ष, निवासी छातामुड़ा, वार्ड क्रमांक 41, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़, छत्तीसगढ़।
राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, पिता समय लाल महंत, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम जकेला, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
नरेंद्र महंत उर्फ नंदू महंत, पिता समय लाल महंत, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम जकेला, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
दिनेश सारथी, पिता पैतराम सारथी, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम औरदा, थाना पुसौर, जिला रायगढ़, छत्तीसगढ़।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
अपहरण और लूट के इस मामले का खुलासा करने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्रवाई में उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रिकेन्द्र चंद्राकर, प्रधान आरक्षक चंद्रहास नायक, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, महेश चौहान, ठंडाराम गुप्ता, तारिक अनवर, महिला आरक्षक किशोरी चौहान तथा कंप्यूटर ऑपरेटर कैलाश गुप्ता शामिल रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा—
“अपहरण, लूट जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। पुसौर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर अथक प्रयास से चार आरोपियों की गिरफ्तारी की है, जो पुलिस की तत्परता का प्रमाण है। अपराध कर कानून से बच निकलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
48 घंटे में खुलासा, आगे की विवेचना जारी
पुसौर थाना क्षेत्र में प्रोफेसर के अपहरण और डिजिटल माध्यम से रकम ट्रांसफर कराने की इस घटना में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। परिजनों की सतर्कता से पीड़ित को सकुशल मुक्त कराया गया, जबकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कथित साजिश में शामिल आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
फिलहाल पुलिस डिजिटल लेन-देन, बरामद नकदी, जब्त मोबाइल फोन, चाकू और मोटरसाइकिल समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार की जाएगी।

