रायगढ़ :- 22 सितंबर। महिला एवं बालिकाओं से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत कोतरारोड़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जुलाई माह में लापता हुई 18 वर्षीय युवती को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले से सकुशल बरामद किया है। युवती को अपने साथ ले जाने के संदेह में पुलिस ने विजय सिदार (20 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी पूर्व से ही दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के एक मामले में फरार था और उसके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी था।
नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज, घटना के बाद से था फरार
पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को थाना कोतरारोड़ में 17 वर्ष 6 माह की बालिका ने अपने परिजनों के साथ पहुंचकर विजय सिदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बालिका ने आरोप लगाया था कि विजय उसे मोबाइल फोन पर परेशान करता था और स्कूल आने-जाने के दौरान उसका पीछा करता था।
बालिका के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को घर के पीछे स्थित शौचालय की ओर जाते समय विजय वहां पहुंचा और डराने-धमकाने के बाद उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के आधार पर थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 27/2026 दर्ज कर धारा 64 बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध कायम किया गया था।
घटना के बाद से आरोपी विजय सिदार लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पॉक्सो मामले में निर्धारित समय-सीमा को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध फरारी में चालान तैयार कर मार्च 2026 में न्यायालय में पेश किया था। इसके बाद एफटीएससी (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय, रायगढ़ द्वारा आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
बालिग होने के बाद युवती के लापता होने से पुलिस ने शुरू की नए सिरे से तलाश
इसी बीच, बालिका के बालिग होने के बाद वह 17 सितंबर 2026 को अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजनों ने 18 सितंबर को थाना कोतरारोड़ पहुंचकर उसके गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर गुम इंसान क्रमांक 54/2026 कायम कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने युवती के परिजनों और उसकी सहेलियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान विजय सिदार पर संदेह गहराया। पुलिस को आरोपी का लोकेशन जम्मू में मिलने पर तत्काल एक टीम जम्मू रवाना की गई। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी और युवती की तलाश की गई, लेकिन वहां दोनों का पता नहीं चल सका।
मुखबिर तंत्र से मिला तमिलनाडु का सुराग
जम्मू में सुराग नहीं मिलने के बाद थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने आरोपी के संबंध में मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। आरोपी के संपर्क में आने वाले लोगों से लगातार जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि विजय सिदार तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में एक कपड़ा कारखाने में काम कर रहा है।
जानकारी की पुष्टि के बाद पुलिस टीम तमिलनाडु रवाना हुई। वहां स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाते हुए आरोपी की घेराबंदी की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विजय सिदार को पकड़ लिया। उसके कब्जे से लापता युवती को भी सकुशल बरामद कर लिया गया।
पुलिस द्वारा युवती की दस्तयाबी के बाद उसका कथन दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार, युवती ने बताया कि आरोपी उसे शादी का प्रलोभन देकर अपने साथ ले गया था।
गिरफ्तारी वारंट के आधार पर आरोपी को भेजा गया जेल
कोतरारोड़ पुलिस ने विजय सिदार को पूर्व में दर्ज दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट के परिप्रेक्ष्य में न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल तथा आरक्षक चंद्रेश पांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा—महिला एवं बालिकाओं से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिला एवं बालिकाओं से संबंधित शिकायतों को रायगढ़ पुलिस सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ले रही है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाना पुलिस की प्राथमिकता है।

