रायगढ़ :- 14 सितंबर 2026। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत भूपदेवपुर पुलिस लगातार विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी क्रम में भूपदेवपुर पुलिस टीम ग्राम नहरपाली स्थित JSW पावर प्लांट पहुंची और वहां कार्यरत कर्मचारियों को साइबर अपराधों के नए तरीकों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी।

पुलिस टीम ने प्लांटकर्मियों को प्रदेश में संचालित साइबर जागृति अभियान के उद्देश्य और महत्व से अवगत कराया। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर ठगी के मामले लगातार नए रूप में सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का सतर्क और जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
QR कोड स्कैन कर सेल्फी लेने किया प्रेरित
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने कर्मचारियों को अभियान से जोड़ते हुए QR कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता सेल्फी लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही इस सेल्फी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर परिवार, मित्रों और परिचितों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की अपील की गई।
पुलिसकर्मियों ने बताया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सकारात्मक उपयोग करते हुए साइबर अपराध के प्रति जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
OTP और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की दी हिदायत
कार्यक्रम में पुलिस ने साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कर्मचारियों को सावधान किया। उन्हें विशेष रूप से समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN अथवा बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
पुलिस ने अनजान लिंक, संदिग्ध QR कोड और APK फाइल डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी। साथ ही KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली बिल, पुलिस कार्रवाई, इनाम अथवा अन्य किसी बहाने से आने वाले फर्जी कॉल और मैसेज के प्रति सतर्क रहने को कहा गया।
फर्जी कस्टमर केयर और पेमेंट रिक्वेस्ट से रहें सावधान
ऑनलाइन खरीद-बिक्री के दौरान होने वाली ठगी को लेकर भी पुलिस ने कर्मचारियों को जागरूक किया। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों से संपर्क करते हैं और समस्या का समाधान करने के नाम पर लिंक भेजकर या पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार करवाकर खाते से रकम निकाल लेते हैं।
इसी तरह सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट, संदिग्ध वीडियो कॉल और अज्ञात लिंक स्वीकार करने से बचने की सलाह दी गई।
डिजिटल अरेस्ट और निवेश ठगी से भी सावधान रहने की अपील
पुलिस ने कर्मचारियों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर ठगी तथा फर्जी लोन और जॉब ऑफर जैसे साइबर अपराधों के प्रति भी विशेष रूप से सावधान किया। पुलिस ने कहा कि साइबर ठग लोगों को डराने, लालच देने या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा करने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो वह घबराने के बजाय बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
“सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार”
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने कर्मचारियों से कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
हर दिन अलग-अलग स्थानों पर पहुंच रही पुलिस टीम
थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन, कर्मचारी, विद्यार्थी और समाज के विभिन्न वर्गों को साइबर अपराधों के नए तरीकों, सावधानियों और शिकायत की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है।
रायगढ़ पुलिस का यह “साइबर जागृति अभियान” 2 अक्टूबर 2026 तक लगातार जारी रहेगा। अभियान के माध्यम से पुलिस का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और डिजिटल लेन-देन के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए प्रेरित करना है।

