उद्योग नगरी में खिलाड़ियों और स्थानीय युवाओं के रोजगार को लेकर रामचंद्र शर्मा ने उठाई आवाज, सोशल मीडिया अभियान को मिल रहा समर्थन
रायगढ़ :- जिले के खिलाड़ियों, युवाओं के अधिकार, रोजगार और सम्मानजनक भविष्य को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद रामचंद्र शर्मा ने अब व्यापक अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू किए गए इस अभियान में उन्होंने रायगढ़ के स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को रोजगार में प्राथमिकता देने के साथ-साथ उद्योगों में स्थानीय नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग उठाई है।
रामचंद्र शर्मा का कहना है कि रायगढ़ के खिलाड़ी अपनी मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष के दम पर जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर तक रोशन कर रहे हैं। वे मैदान में घंटों पसीना बहाते हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि खेल के मैदान में उपलब्धियां हासिल करने के बाद इन खिलाड़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों को केवल मेडल, प्रमाण-पत्र और सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्हें ऐसा भविष्य भी मिलना चाहिए, जिसमें वे आर्थिक असुरक्षा से मुक्त होकर अपने जीवन को सम्मान के साथ आगे बढ़ा सकें।
200 से अधिक उद्योग, फिर भी स्थानीय युवाओं के रोजगार पर सवाल
रामचंद्र शर्मा ने रायगढ़ की औद्योगिक स्थिति का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जिले में 200 से अधिक बड़े और छोटे उद्योग संचालित होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिल पा रहे हैं?
उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध योग्य युवाओं और खिलाड़ियों को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जिस क्षेत्र की जल, जंगल और जमीन का उपयोग कर उद्योग संचालित हो रहे हैं और आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, वहां के स्थानीय लोगों को भी उसका लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी उद्योग को जिस योग्यता के कर्मचारी की आवश्यकता है, उसी योग्यता का स्थानीय युवक उपलब्ध है और वह नौकरी के निर्धारित मापदंडों को पूरा करता है, तो नियुक्ति में स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
खिलाड़ियों के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार की मांग
रामचंद्र शर्मा ने विशेष रूप से राष्ट्रीय और राज्य स्तर के खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिले के ऐसे खिलाड़ियों के लिए शासन-प्रशासन को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आर्थिक मजबूरियों के कारण प्रतिभावान खिलाड़ी अपने सपनों और खेल करियर से पीछे न हटें।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी यदि आर्थिक परिस्थितियों के कारण चाय ठेला लगाने या छोटे-मोटे काम करने को मजबूर हों, तो यह केवल उस खिलाड़ी की नहीं बल्कि पूरे समाज और व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
उनके अनुसार, जब कोई खिलाड़ी वर्षों तक मेहनत करके राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचता है और उसके बाद भी उसके सामने रोजगार तथा आर्थिक सुरक्षा का संकट खड़ा रहता है, तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। ऐसे हालात देखकर परिवार अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने से भी हिचक सकते हैं।
उद्योगों के खिलाफ नहीं, स्थानीय अधिकारों के पक्ष में आंदोलन
रामचंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया है कि उनका अभियान किसी उद्योग या उद्योगपति के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता सुनिश्चित कराना है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उद्योगों का विकास होना जरूरी है। लेकिन विकास का लाभ स्थानीय समाज और युवाओं तक भी पहुंचना चाहिए। इसके लिए उद्योगों में स्थानीय युवाओं तथा खिलाड़ियों को रोजगार देने के संबंध में एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाई जानी चाहिए।
उनकी मांग है कि योग्य स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के साथ-साथ खिलाड़ियों के लिए भी एक निर्धारित प्रतिशत या विशेष रोजगार प्रावधान तय किया जाए, ताकि खेल प्रतिभाओं को आर्थिक मजबूरी में अपना भविष्य न छोड़ना पड़े।
चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी
स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के अधिकारों को लेकर अब रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस अभियान का संचालन नवनिर्माण संकल्प समिति के बैनर तले किया जा रहा है।
अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन और उद्योग जगत तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है कि रायगढ़ के स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों में उचित प्राथमिकता मिले और खेल प्रतिभाओं के लिए सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जाए।
रामचंद्र शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति, संस्था या उद्योग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि रायगढ़ के युवाओं, खिलाड़ियों के अधिकार, रोजगार और सम्मानजनक भविष्य के लिए है। उनका कहना है कि जब तक इस विषय पर ठोस नीति और प्रभावी व्यवस्था सामने नहीं आती, तब तक अभियान जारी रहेगा।
सोशल मीडिया पर अभियान को मिल रहा समर्थन
सोशल मीडिया पर अभियान की शुरुआत के बाद स्थानीय नागरिकों, युवाओं और खिलाड़ियों के बीच इसे लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने तथा खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग को लेकर कई लोग समर्थन जता रहे हैं।
अभियान से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि इस मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन मिलता है तो आने वाले दिनों में यह सोशल मीडिया अभियान से आगे बढ़कर स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार से जुड़े बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

