खरसिया :- राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर खरसिया क्षेत्र के ग्राम बरगढ़ में शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध तरीके से फ्लाई ऐश (राखड़) खाली करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि फ्लाई ऐश खाली करने के बाद वहां से निकल रहा एक ट्रेलर कीचड़ में बुरी तरह फंस गया। बाद में जेसीबी की मदद से ट्रेलर को बाहर निकाला गया। ट्रेलर का वाहन नंबर CG-12 BS-7389 बताया गया है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, ट्रांसपोर्टरों द्वारा अपने आर्थिक फायदे के लिए सुनसान और खाली स्थानों को चिन्हित कर वहां फ्लाई ऐश डंप किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ग्राम बरगढ़ में शासकीय भूमि पर फ्लाई ऐश खाली किए जाने की घटना ने एक बार फिर इस पूरे मामले में निगरानी और कार्रवाई की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फ्लाई ऐश के इस तरह खुले में और अनियंत्रित तरीके से डंप किए जाने से आसपास के पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। हवा चलने पर राख के महीन कण आसपास के क्षेत्रों में फैल सकते हैं, वहीं बारिश के दौरान फ्लाई ऐश बहकर खेतों, नालियों और जलस्रोतों तक पहुंच सकती है। इससे मिट्टी, पानी और आसपास के प्राकृतिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता बनी हुई है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यदि शासकीय भूमि का इस्तेमाल बिना अनुमति फ्लाई ऐश डंप करने के लिए किया जा रहा है, तो यह प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़ा करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुनसान स्थानों पर रात के समय या कम आवाजाही वाले इलाकों में फ्लाई ऐश खाली किए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
ग्राम बरगढ़ में फंसे ट्रेलर को जेसीबी से बाहर निकाले जाने की घटना के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर यह पता लगाए कि शासकीय भूमि पर फ्लाई ऐश किसकी अनुमति से डंप की गई और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास और औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाले फ्लाई ऐश का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए, न कि किसी भी खाली या सुनसान जमीन को डंपिंग स्थल बनाकर। यदि इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इसका पर्यावरणीय नुकसान लंबे समय तक देखने को मिल सकता है।

