भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के दर्रामुडा गांव का मामला, जमीन बंटवारे को लेकर रिश्तेदारों के बीच विवाद
रायगढ़। जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के दर्रामुडा गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि रिश्तेदार द्वारा खाली जमीन पर जबरन कब्जा करने की नीयत से राखड़ डाली जा रही है। विरोध करने पर विवाद बढ़ने और मारपीट की स्थिति बनने की आशंका को लेकर पुलिस में शिकायत की गई।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता लम्बोदर पटैल (65 वर्ष), पिता स्व. चमरू पटैल, निवासी दर्रामुडा, थाना भूपदेवपुर, जिला रायगढ़ ने 7 अगस्त 2026 को शाम करीब 5 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी। शिकायत में सुकमनी पटैल (59 वर्ष), पिता स्व. दादूराम पटैल तथा धनुजय (35 वर्ष), पिता सुकमनी, निवासी दर्रामुडा के नाम बताए गए हैं।
जमीन का आपसी बंटवारा नहीं होने से विवाद
पुलिस को दिए गए आवेदन के मुताबिक, शिकायतकर्ता और अनावेदक एक ही गांव के रहने वाले हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों पक्षों के बीच जमीन का अभी तक आपसी बंटवारा नहीं हुआ है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अनावेदक द्वारा विवादित खाली जमीन पर राखड़ डालकर उसे अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा था।
शिकायतकर्ता ने जब इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर दूसरे पक्ष द्वारा झगड़ा और मारपीट पर उतारू होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
पुलिस ने बताया आपसी जमीन बंटवारे का मामला
पुलिस ने शिकायत आवेदन का अवलोकन करने के बाद मामले को मुख्य रूप से जमीन के आपसी बंटवारे से संबंधित विवाद माना। पुलिस के मुताबिक, मामले में ऐसा अपराध नहीं पाया गया जिसमें पुलिस स्तर पर सीधे हस्तक्षेप किया जा सके।
इसके चलते पुलिस ने क्रमांक 58/2026, दिनांक 07 अगस्त 2026 के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 174 के अंतर्गत सूचना दर्ज की। शिकायतकर्ता को विवाद के निराकरण के लिए सक्षम न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई।
न्यायालय के माध्यम से विवाद सुलझाने की सलाह
पुलिस ने स्पष्ट किया कि जमीन के स्वामित्व अथवा बंटवारे से जुड़े विवाद का उचित निराकरण न्यायालय के माध्यम से किया जा सकता है। शिकायतकर्ता को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय में जाने की जानकारी दी गई। पुलिस रिकॉर्ड में भी उल्लेख किया गया है कि उक्त सूचना के तहत मामला पुलिस हस्तक्षेप योग्य नहीं है।
फिलहाल मामला जमीन के बंटवारे और कथित कब्जे के प्रयास को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है। पुलिस द्वारा शिकायत की प्रति संबंधित पक्ष को उपलब्ध कराए जाने की बात भी दस्तावेज में दर्ज है।

