रायगढ़ पुलिस की सशक्त विवेचना और प्रभावी पैरवी से मिला न्याय, मकान विवाद में नाना की हत्या करने वाले सगे नातियों को आजीवन कारावास
रायगढ़ :- 6 अगस्त। रायगढ़ पुलिस की सशक्त विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी का एक और बड़ा परिणाम सामने आया है। खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि वैज्ञानिक जांच, ठोस साक्ष्य और मजबूत अभियोजन के आधार पर गंभीर अपराधों में दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाकर कठोर दंड दिलाया जा रहा है।
अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने सत्र प्रकरण क्रमांक 01/2026 (छत्तीसगढ़ शासन विरुद्ध ओमप्रकाश डनसेना एवं अन्य) में फैसला सुनाते हुए थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 में अभियुक्त ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू और कार्तिक डनसेना को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 427 एवं 449 के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम ने की थी।
मकान और जमीन के विवाद ने लिया खूनी रूप
अभियोजन के अनुसार ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62 वर्ष) का अपने पुश्तैनी मकान और जमीन को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। मृतक ने अपनी बहन को रहने के लिए अपने घर में जगह दी थी, जहां उसके दोनों नाती ओमप्रकाश और कार्तिक भी रहते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण और संपत्ति पर अधिकार को लेकर परिवार के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया।
25 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों ने मृतक के छोटे भाई के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसकी रिपोर्ट थाना खरसिया में दर्ज कराई गई थी। लेकिन अगले ही दिन 26 दिसंबर 2022 को पारिवारिक बैठक के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आरोपियों ने अपने ही 62 वर्षीय नाना गेंदलाल डनसेना पर जानलेवा हमला कर दिया।
गैस सिलेंडर से तोड़ा दरवाजा, टंगिया-फावड़ा और डंडे से की निर्मम हत्या
हमले से बचने के लिए वृद्ध अपने कमरे में छिप गए, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद कमरे में घुसकर टंगिया, फावड़ा और डंडे से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस निर्मम वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
एक आरोपी मौके से गिरफ्तार, दूसरा अगले दिन दबोचा गया
घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम (वर्तमान निरीक्षक, जिला राजनांदगांव) तथा चौकी प्रभारी जोबी एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी कार्तिक डनसेना को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया, जबकि फरार आरोपी ओमप्रकाश डनसेना को अगले दिन मुखबिर की सूचना पर नावापारा रोड से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टंगिया, फावड़ा, डंडा, गैस सिलेंडर और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए। पुलिस ने मामले में भौतिक एवं मौखिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक ढंग से संकलन कर मजबूत चालान न्यायालय में पेश किया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में मामले की सुनवाई के दौरान सभी साक्ष्यों और गवाहों की प्रभावी प्रस्तुति सुनिश्चित की गई।
मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय का फैसला
पुलिस की सुदृढ़ विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से संतुष्ट होकर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को हत्या, घर में घुसकर हमला करने और तोड़फोड़ के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला रायगढ़ पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोर दंड दिलाने की प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा
रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोर दंड दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और अभियोजन के साथ बेहतर समन्वय के कारण हत्या जैसे जघन्य मामलों में न्यायालय लगातार दोषियों को कड़ी सजा सुना रहा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला समाज में कानून का भय स्थापित करने के साथ अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि अपराध करने वालों को हर हाल में न्यायालय तक पहुंचाकर कठोर दंड दिलाया जाएगा।

