बरमकेला। होली से पहले ही क्षेत्र में अवैध शराब के काले कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। गांवों से लेकर ढाबों और संदिग्ध ठिकानों तक ब्लैक में शराब बेचे जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। लेकिन इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि आखिर आबकारी विभाग की सक्रियता कहां है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि त्योहार नजदीक आते ही अवैध कारोबारियों की चांदी हो जाती है। मांग बढ़ने के साथ ही दाम भी बढ़ा दिए जाते हैं और बिना लाइसेंस शराब परोसने का खेल खुलकर चलता है। कई स्थानों पर देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा बना हुआ है।
हर साल की तरह इस बार भी सख्ती के दावे जरूर किए जा रहे हैं, पर जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। यदि समय रहते ताबड़तोड़ छापेमारी और सख्त निगरानी नहीं की गई तो होली के दिन नशे में हुड़दंग, सड़क हादसे और कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
त्योहार की शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। अब देखना यह होगा कि आबकारी विभाग बरमकेला केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या फिर अवैध शराब के इस काले कारोबार पर कड़ा प्रहार करता है। फिलहाल जनता जवाब का इंतजार कर रही है।

