बरमकेला। रंगों के त्योहार होली से ठीक पहले बरमकेला क्षेत्र में महुआ शराब का काला कारोबार बेलगाम हो गया है। हालात यह हैं कि गांव-गांव में अवैध महुआ शराब खुलेआम बेची जा रही है। कोचिए पूरी तरह सक्रिय हैं, स्टॉक पहले से जमा कर लिया गया है और मांग बढ़ते ही सप्लाई तेज कर दी गई है। दूसरी ओर आबकारी विभाग की कार्रवाई न के बराबर नजर आ रही है।
हर गली में ‘सप्लाई पॉइंट’, सुबह से रात तक बिक्री
ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में घरों को ही मिनी भट्ठियों में बदल दिया गया है। सुबह से देर रात तक शराब की बिक्री जारी है। त्योहार के नाम पर बड़े पैमाने पर उत्पादन और सप्लाई की जा रही है। क्षेत्र में ऐसे कई ठिकाने हैं, जहां से आसपास के गांवों में भी महुआ शराब पहुंचाई जा रही है।
होली पर बढ़ा कारोबार, युवाओं में बढ़ रही लत
होली के मद्देनजर शराब की मांग हर साल बढ़ती है, लेकिन इस बार अवैध कारोबार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सस्ती और आसानी से उपलब्ध महुआ शराब युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे नशाखोरी बढ़ रही है और त्योहार के दौरान विवाद, मारपीट व दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग को पूरे नेटवर्क की जानकारी है, फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। कभी-कभार छोटी-मोटी जब्ती दिखाकर खानापूर्ति कर ली जाती है, जबकि असली कारोबार बेरोकटोक चलता रहता है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर विभाग सख्ती क्यों नहीं दिखा पा रहा?
स्वास्थ्य पर भी खतरा
महुआ शराब की गुणवत्ता संदिग्ध होती है। बिना किसी मानक और निगरानी के तैयार की जा रही शराब से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक मिलावटी शराब जानलेवा भी साबित हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग: चले विशेष अभियान
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि होली से पहले सख्त और व्यापक अभियान चलाकर अवैध शराब के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाए। गांव-गांव छापामार अभियान चलाकर इस काले कारोबार की कमर तोड़ी जाए, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।
बरमकेला में महुआ शराब का बढ़ता जाल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अब देखना यह है कि होली से पहले कार्रवाई होती है या फिर ‘महुआ माफिया’ यूं ही बेखौफ अपना कारोबार चलाते रहेंगे।

