धरमजयगढ़ :- नगर में बढ़ती चोरी की वारदातों ने आमजन की नींद उड़ा दी है। हर बीतती रात के साथ असुरक्षा का भय गहराता जा रहा है और जनआक्रोश भी दिन-ब-दिन तेज़ होता दिख रहा है। वहीं बीती रात नीचे पारा और कोदवारी पारा क्षेत्र में एक साथ चार स्थानों पर ताले टूटने की सूचनाएँ सामने आई हैं, जिसने शहरवासियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। बता दें मिली जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ नीचे पारा निवासी नरेश अग्रवाल कई दिनों से बाहर थे। लौटने पर उनके घर का ताला टूटा मिला। उसी मोहल्ले में दो अन्य घरों के ताले भी तोड़े जाने की बात सामने आई है। चोरों ने घरों में घुसकर अलमारियों में रखे सामान के साथ-साथ बर्तन और अन्य घरेलू सामग्री पर भी हाथ साफ किया।
इसी क्रम में कोदवारी पारा निवासी कन्हैया विश्वकर्मा के घर का मुख्य दरवाज़ा भी टूटा हुआ पाया गया। परिवार कुछ दिनों के लिए विवाह समारोह में बिहार गया हुआ था। लौटने पर घर के भीतर रखी अलमारी से सामान और नगद राशि के गायब होने की जानकारी मिली। पीड़ित द्वारा थाने में लिखित सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाकर जांच शुरू कर दी है।
न थमता सिलसिला, न सुलझती गुत्थी
बता दें,एक ओर नए पुलिस अधीक्षक के कार्यभार संभालते ही जिले में धरपकड़ तेज़ होने की खबरें हैं, जो कि पुरे जिले में चर्चा का सराहनीय विषय बन गया है, वहीं दूसरी ओर धरमजयगढ़ में अपराधियों के हौसले बुलंद नज़र आ रहे हैं। चोरी की एक के बाद एक घटनाओं ने न केवल शहरवासियों को भयभीत किया है, बल्कि स्थानीय पुलिस के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। वहीं स्थानीय नागरिकों का सवाल है, कि आख़िर चोर अब तक गिरफ्त से बाहर कैसे हैं? बीते दिनों डीज़ल चोरी की घटनाएँ आम थीं, उसी दौरान घरों में ताले टूटने की शिकायतें भी सामने आती रहीं। परंतु हालिया चोरियों में भी अब तक न तो कोई ठोस सुराग मिला है और न ही किसी प्रकार की गिरफ्तारी या प्रभावी कार्रवाई हो पाई है।

वहीं नगरवासियों की मांग है कि रात्रि गश्त को सख़्त किया जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जाए और जल्द से जल्द चोरों को पकड़कर शहर में भरोसे का माहौल बहाल किया जाए—ताकि धरमजयगढ़ फिर से शांति माहौल व निडर होकर रात की नींद ले सके।

