खरसिया :- ग्राम बानीपाथर रेलवे ओवर ब्रिज के पास स्थित श्री मंगल कार्बन फैक्ट्री में फर्नेस फटने की घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। हादसे में 9 माह की एक बच्ची सहित कुल सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। कुछ दिनों बाद मासूम बच्ची की मौत की खबर से गांव और जिले में शोक की लहर दौड़ गई। इसके बाद बच्ची के पिता, दादा एवं एक अन्य के निधन की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई।घटना के विरोध में परिजन और ग्रामीण दो मृतकों के शव को लेकर बानीपाथर रेलवे ब्रिज के पास एनएच-49 पर चक्का जाम कर बैठ गए और श्री मंगल कार्बन प्रबंधन से 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग करने लगे।

प्रशासन ने किया हस्तक्षेप
चक्का जाम की सूचना मिलते ही खरसिया प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची।
एसडीएम प्रवीण तिवारी और एसडीओपी प्रभात पटेल ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर समझाइश दी। पीड़ित परिवारों ने 50 लाख रुपये मुआवजा, मृतकों के छोटे बच्चों की अच्छे स्कूल में पूरी पढ़ाई का खर्च और भविष्य में शादी का खर्च उठाने की मांग रखी।प्रशासन की ओर से मृत व्यक्तियों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये मुआवजा देने और मृत बच्ची के परिवार को अलग से 5 लाख रुपये देने की सहमति जताई गई। साथ ही छोटे बच्चों की अच्छी शिक्षा और विवाह योग्य होने पर शादी का पूरा खर्च उठाने पर भी सहमति बनी।
विधायक ने भी संभाली कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए खरसिया विधायक उमेश नंद कुमार पटेल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना और प्रशासन से कंपनी प्रबंधन के साथ उचित मुआवजे पर चर्चा करने के निर्देश दिए। और पुलिस प्रशासन को फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट पंजीबद करने को कहे।बातचीत के बाद सभी पक्षों के बीच सहमति बनी।
सहमति के बाद दोनों मृतकों के शवों को एंबुलेंस के माध्यम से उनके गृह ग्राम रजघट्टा भेजा गया। प्रशासन की ओर से दाह संस्कार के लिए 50 हजार रुपये मौके पर प्रदान किए गए तथा दशकर्म के लिए अतिरिक्त 1 लाख रुपये देने की भी घोषणा की गई।घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की सख्त जांच की मांग की है।

