किसानों के हक के लिए बरमकेला में चक्काजाम..
बरमकेला | छत्तीसगढ़ की माटी और अन्नदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी ने आज एक बार फिर अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई है। बरमकेला के सुभाष चौक पर आज उस वक्त जनसैलाब उमड़ पड़ा, जब वर्तमान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष किशोर पटेल और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ताराचंद पटेल के संयुक्त नेतृत्व में दोपहर 2 बजे विशाल चक्काजाम किया गया।
इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया और स्पष्ट किया कि किसानों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अनुभव और युवा जोश का संगम: किशोर और ताराचंद ने संभाली कमान-
आंदोलन के दौरान किशोर पटेल और ताराचंद पटेल सच्चे जनसेवकों के रूप में उभरकर सामने आए। जहाँ एक ओर वर्तमान अध्यक्ष किशोर पटेल ने संगठन की शक्ति को एकजुट किया, वहीं पूर्व अध्यक्ष ताराचंद पटेल के वर्षों के अनुभव और किसानों के बीच उनकी गहरी पैठ ने इस आंदोलन को एक विशाल स्वरूप दे दिया। इन दोनों नेताओं की कार्यशैली ने यह सिद्ध कर दिया कि वे कांग्रेस पार्टी के न केवल निष्ठावान सिपाही हैं, बल्कि हर सुख-दुख में किसानों के ढाल बनकर खड़े रहने वाले साथी भी हैं।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने गरजते हुए कहा:
“कांग्रेस पार्टी का इतिहास हमेशा से किसानों के संघर्षों का रहा है। आज जब सरकार ‘जबरन रकबा समर्पण’ कराकर किसानों का हक छीन रही है और धान खरीदी की तिथि बढ़ाने में आनाकानी कर रही है, तब कांग्रेस चुप नहीं बैठ सकती। हम किसानों के पसीने की हर बूंद का हिसाब लेकर रहेंगे।”
कांग्रेस की प्रमुख मांगें और सरकार को चेतावनी-
कांग्रेस पार्टी ने इस चक्काजाम के जरिए प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों की फेहरिस्त रखी, जैसे-
धान खरीदी की समय-सीमा में वृद्धि: मांग की गई कि जब तक अंतिम किसान का आखिरी दाना नहीं बिक जाता, मंडियां बंद न की जाएं।
जबरन रकबा समर्पण पर रोक:- प्रशासन द्वारा रकबा कम करने के दबाव को ‘किसान विरोधी षड्यंत्र’ करार देते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की गई।
न्याय न मिलने पर जेल भरो आंदोलन:- नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि टोकन और भुगतान में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस कार्यकर्ता जेल भरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
एकजुट दिखी कांग्रेस, किसानों में जगी नई उम्मीद-
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के अन्य स्थानीय नेताओं और भारी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने संगठन की मजबूती का परिचय दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने किशोर पटेल की सक्रियता और ताराचंद पटेल के बेबाक नेतृत्व की जमकर तारीफ की। किसानों का कहना है कि जिस तरह इन दोनों नेताओं ने कांग्रेस के झंडे तले उनकी आवाज बुलंद की है, उससे अन्नदाताओं में एक नई उम्मीद जगी है।
इन दोनों दिग्गज नेताओं ने इस आंदोलन के माध्यम से संदेश दिया है कि बरमकेला कांग्रेस का हर सिपाही किसानों की रक्षा के लिए संकल्पित है। इस सफल आयोजन ने क्षेत्र में कांग्रेस के आधार को और अधिक मजबूती प्रदान की है।
प्रशासनिक हलचल और भविष्य की रणनीति-
चक्काजाम के कारण घंटों आवागमन बाधित रहा, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किशोर पटेल, ताराचंद पटेल और अन्य प्रतिनिधियों से ज्ञापन लिया। कांग्रेस नेतृत्व ने दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि यदि 48 घंटों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जिला स्तर पर और भी उग्र रूप धारण करेगा।

