सक्ती :- जिला पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने पुलिस थाना परिसर सक्ती में आयोजित नववर्ष मिलन एवं प्रेस वार्ता के दौरान वर्ष 2025 की पुलिसिंग से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद वर्ष के अंतिम दो महीनों में लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण से जिले की कानून-व्यवस्था की तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है।

एसपी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में सक्ती जिले में कुल 2437 अपराध दर्ज हुए, जिनमें से वर्ष के अंत तक मात्र 274 अपराध ही लंबित रहे। इस तरह जिले में लंबित अपराधों का प्रतिशत केवल 11 प्रतिशत रह गया है, जो सक्ती पुलिस के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। वहीं तैयार अभियोग पत्रों में भी केवल लगभग 6 प्रतिशत ही लंबित हैं।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों की दर वर्ष 2024 की तुलना में स्थिर रही है, जबकि वर्ष 2023 की तुलना में इसमें कमी दर्ज की गई है। नाबालिग बच्चों के अपहरण से संबंधित मामलों में भी स्थिति लगभग समान रही—वर्ष 2024 में 112 तथा वर्ष 2025 में 113 प्रकरण दर्ज किए गए।

लूट जैसे संगीन अपराधों में बड़ी गिरावट सामने आई है। वर्ष 2024 में जहां लूट के 6 मामले दर्ज थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर केवल 2 रह गई। इसी तरह चोरी एवं नकबजनी के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी आई है—वर्ष 2024 के 217 मामलों की तुलना में वर्ष 2025 में केवल 150 अपराध दर्ज हुए।
एसपी ने आगे बताया कि छल एवं धोखाधड़ी के मामलों में भी गिरावट आई है। बच्चों से संबंधित पॉक्सो एक्ट के अपराधों में भी राहत की स्थिति रही है। वर्ष 2024 में 34 मामलों की तुलना में वर्ष 2025 में केवल 25 मामले दर्ज हुए।
प्रेस वार्ता के अंत में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध नियंत्रण, त्वरित न्यायिक प्रक्रिया और जनता के साथ समन्वय सक्ती पुलिस की प्राथमिकता है। नववर्ष मिलन के अवसर पर पत्रकार साथियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम के साथ प्रेस वार्ता का समापन हुआ।

