बरमकेला शिक्षा विभाग को प्रधानपाठक ने ही किया शर्मसार।
बरमकेला। ज्ञात हो कि लगातार राज्य शासन द्वारा शिक्षा विभाग में गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार सराहनीय प्रयास किया जा रहा हैं और बैठके आयोजित कर जहां कमी हैं उसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा हैं।
लेकिन जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के शिक्षा विभाग में कुछ अजीब ही हो रहा हैं क्योंकि बरमकेला विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत आने वाले विद्यालय में एक स्कूल में ऐसी घटना घटी जिससे पूरे शिक्षा विभाग को शर्मसार कर दिया ।
क्योंकि बरमकेला ब्लॉक मुख्यालय से 15 किमी दूर ग्राम टीटहीपाली में प्राथमिक शाला स्कूल स्थित हैं जहां रोजाना स्कूल तो खुलते हैं लेकिन वहां प्रधानपाठक गणेश राम सारथी की मनमानी इतनी चरम पर हैं वह स्वयं अपने शिक्षा विभाग व उनके वरिष्ट अधिकारियों का इज्जत लेने पर आतुर हैं।
दिनांक 16/12/2025 दिन मंगलवार को जैसा वह 10 बजे स्कूल आता हैं चपरासी के द्वारा पहले से स्कूल खुला रहता हैं।
तब प्रधानपाठक द्वारा पालकों को ही भड़काकर कि स्कूल में शिक्षक की कमी हैं कहकर झूठ बोल कर इकट्ठा कर लेता हैं एवं बाहर से ताला बंद कर शिक्षक की मांग करता हैं और फोटोबाज़ी वीडियोबाजी करवाकर वायरल भी करवाता हैं।
और ग्रामवासीयों का नेता बनकर मध्य में फोटो खिंचवाता हैं।
जो एक प्रधानपाठक द्वारा कर्मचारी आचरण नियमावली के विरुद्ध हैं।
इस प्रकार से यह प्रधानपाठक गणेश राम सारथी द्वारा मनमानी किया जाता हैं और अपने ही उच्च अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता हैं।
जानकारी में आता हैं कि इनको SIR का अविहित अधिकारी बनाया गया हैं जो एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हैं राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा। लेकिन अभी पिछले महीने 27,28 एवं 28 नवंबर को बिना अनुमति के 3 दिन की छुट्टी में चला गया था जबकि अविहित अधिकारी को अवकाश SIR ड्यूटी के दौरान नहीं लेना हैं।इनकी यह SIR ड्यूटी के प्रति भारी लाफरवाही का प्रतीक हैं।
इसी प्रकार की घटना राजनांदगांव में हुई थी जिस पर राजनांदगांव जिला शिक्षा अधिकारी ने ग्रामवासियों, विद्यार्थियों को भड़काकर ताला बंदी करवाने वाले शिक्षक को निलंबित कर दिया था।
देखते हैं इस मनमौजी प्रधानपाठक गणेश राम सारथी पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बरमकेला एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सारंगढ़–बिलाईगढ़ द्वारा कार्यवाही होती हैं या नहीं।
इस विषय में बरमकेला विकासखंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार जांगड़े से बात हुई तो उन्होंने कहां कि मुझे जानकारी नहीं हैं, जानकारी मिलने पर कार्यवाही की जाएगी क्योंकि इस प्रकार का कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली के विरुद्ध हैं।

