सारंगढ़-बिलाईगढ़। बरमकेला ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में सालों से चल रही शासकीय जमीन की लूट अब खत्म होने की कगार पर है। ग्रामीणों की लगातार शिकायत और दबाव के बाद 26 सितंबर 2025 को तहसीलदार सरिया की अगुवाई में प्रशासनिक टीम गांव पहुंची और अतिक्रमणकारियों को तीन दिन में जमीन खाली करने का अंतिम नोटिस थमा दिया।
ग्रामीणों मे गुस्सा, रसूखदारों में हड़कप
गांव की चरागाह और शासकीय जमीन पर लंबे समय से कब्जा जमाने वाले दबंगों की रातों की नींद उड़ गई है। कई रसूखदारों ने तो इन जमीनों को अपनी निजी संपत्ति बताकर खरीद-फरोख्त तक कर डाली थी। प्रशासन के अचानक एक्शन से अब वही लोग नेताओं के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन गांव में उनकी साख मिट्टी में मिल चुकी है।
शिकायतकर्ताओं को मिली जीत, डर का अंत
शिकायत करने वाले ग्रामीणों को अब तक धमकियां दी गईं, गाली-गलौज हुई और उन पर झूठे आरोप मढ़े गए। बावजूद इसके, उन्होंने पीछे हटने से इनकार किया। आज उनकी हिम्मत रंग लाई—सच सामने है और प्रशासन खुलकर उनके साथ खड़ा है।
बुलडोज़र की गूंज
तहसीलदार सरिया ने साफ कहा, “3 दिन में कब्ज़ा नहीं छोड़ा तो कानूनी कार्रवाई होगी, बलपूर्वक जमीन खाली कराई जाएगी और दोषियों पर मामला दर्ज होगा।” गांव में चर्चा गर्म है कि अब अगला कदम सीधे बुलडोज़र का हो सकता है।
राजनीति के दबाव में या सख्त कार्रवाई?
अब पूरा इलाका देख रहा है कि प्रशासन अपनी चेतावनी को अंजाम तक पहुंचाएगा या फिर राजनीतिक दबाव में फाइलें धूल खाती रह जाएंगी। युवा वर्ग का साफ कहना है—“अगर ये कार्रवाई पूरी हुई तो आगे कोई भी शासकीय जमीन पर कब्ज़ा करने की जुर्रत नहीं करेगा।”
गोबरसिंहा की लड़ाई बताती है कि जनता की आवाज़ सबसे ताक़तवर है। सालों की लूट-खसोट और धमकियों के बावजूद सच की जीत हुई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तीन दिन बाद प्रशासन वाकई बुलडोज़र उतारता है या नहीं।
गोबरसिंहा की लड़ाई बताती है कि जनता की आवाज़ सबसे ताक़तवर है। सालों की लूट-खसोट और धमकियों के बावजूद सच की जीत हुई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तीन दिन बाद प्रशासन वाकई बुलडोज़र उतारता है या नहीं।

