बीजापुर :- 05 जुलाई 2025/राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के अंतर्गत ग्राम नैमेड एवं मसालूर में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को प्राकृतिक खेती की पद्धतियों, जैविक संसाधनों के उपयोग, और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक एवं प्रवक्ता विद्येश्वर कुमार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकार SADO ने किसानों को घनजीवामृत ,बीजामृत, जीवामृत, ब्रह्मास्त्र और नीमास्त्र जैसी प्राकृतिक खाद एवं कीड़ा मारने की दवा बनाने की विधियाँ सिखाईं। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने चरणबद्ध तरीके से इन मिश्रणों के निर्माण, उपयोग की विधि, मात्रा, अनुपात और फसल पर प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन देसी जैविक उत्पादों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आती है, उपज की गुणवत्ता बढ़ती है, और मिट्टी एवं जल प्रदूषण में भारी कमी आती है।
कुमार ने प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि, इसके पर्यावरणीय, आर्थिक एवं स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को बताया कि किस प्रकार प्राकृतिक खेती से दीर्घकालिक लाभ मिलते हैं और यह किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों की निर्भरता से मुक्त कर सकती है।
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी नोहरलाल सिंहा भी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर आत्मनिर्भर और टिकाऊ कृषि की ओर कदम बढ़ाएँ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित हुए। उन्होंने प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई और भविष्य में अपनी खेती में प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। किसानों ने इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमितता पर बल दिया ताकि उन्हें समय-समय पर मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता मिलती रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सरपंच वार्ड पंच, क्लस्टर में चयनित कृषि सखी , कृषक मित्र आदि की भी मौजूदगी रही ।

