खरसिया।खरसिया के ग्राम पंचायत बरगढ़ में स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस दुकान का संचालन औद्योगिक ग्रामीण सेवा सहकारी समिति, बरगढ़ द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि समिति द्वारा एक माह का राशन गबन कर लिया गया है, जिससे यह दुकान लगातार पीछे चल रही है। इसके अलावा, कई हितग्राहियों को दो-दो या तीन-तीन महीने का राशन भी नहीं दिया गया है। इन हितग्राहियों से जबरन ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाया गया, लेकिन राशन वितरण नहीं किया गया।
दुकान महीने में केवल पांच-छह दिन ही खुलती है, और जुलाई के अंतिम दिन रात 11 बजे तक लोगों से अंगूठा लगवाने के बावजूद, अभी तक राशन का वितरण नहीं हुआ है। आरोप है कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बरगढ़ के प्रबंधक शिव प्रसाद डनसेना और विकास खंड खाद्य अधिकारी बनमाली यादव की मिलीभगत से गरीबों के पोषण आहार का पीडीएस चावल गबन कर लिया गया है।
22 अगस्त को खाद्य अधिकारियों द्वारा की गई जांच में बरगढ़ में चालीस क्विंटल चावल की कमी पाई गई, साथ ही शक्कर और चना भी स्टॉक में नहीं मिले। इसके बावजूद, इन अनियमितताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे विकास खंड खाद्य अधिकारी बनमाली यादव पर मिलीभगत के आरोप और भी गंभीर हो गए हैं। इस स्थिति ने बरगढ़ के गरीब हितग्राहियों को न्याय मिलने की उम्मीदों को धूमिल कर दिया है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या बरगढ़ के हितग्राहियों को उनका हक मिल पाएगा, या फिर इस भ्रष्टाचार के जाल में गरीबों का निवाला यूं ही निगल लिया जाएगा। कलेक्टर, वित्त मंत्री, और खाद्य विभाग से उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि इस अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।

