बरमकेला।सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला के ग्राम सिंगारपुर के पास कांग्रेस नेता हरिराम पटेल की निर्मम हत्या का मामला सामने आया, जिसमें 24 घंटे के भीतर पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस टीम ने घटना में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार, आरोपियों के जले कपड़े, गाड़ियां, और मोबाइल भी जप्त कर लिए हैं।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि हरिराम पटेल की हत्या का मुख्य कारण ब्याज की मामूली रकम को लेकर हुआ विवाद था। मुख्य आरोपी हेमानंद सारथी ने पुलिस को बताया कि उसने मृतक हरिराम पटेल से 12 जुलाई 2024 को ₹80,000 ब्याज पर लिया था। इस राशि पर हरिराम पटेल ने प्रति चार दिवस में 20% ब्याज दर के हिसाब से ₹16,000 ब्याज लेना तय किया था। आरोपी ने मृतक को दो बार ब्याज किस्त के रूप में कुल ₹32,000 दिए थे। आरोपी के अनुसार, 24 जुलाई 2024 को अगला ब्याज किस्त ₹16,000 देना था।
हेमानंद सारथी के अलावा, गोकुल सिदार ने पुलिस को बताया कि उसने एक वर्ष पूर्व मृतक हरिराम पटेल से ₹10,000 ब्याज पर लिए थे। कुछ मूल राशि चुकाने के बाद, उसे ₹7,500 की मूल राशि पर प्रति माह ₹1,500 ब्याज देना पड़ रहा था। इससे दोनों आरोपी अत्यंत आक्रोशित थे। इसी आक्रोश के चलते, दोनों आरोपियों ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की योजना बनाई।
हत्या की योजना के तहत, आरोपियों ने उड़ीसा के एक लोहार से चार पहिया वाहन के पट्टे से तलवार नुमा हथियार बनवाए। 24 जुलाई 2024 को, उन्होंने योजना के अनुसार हरिराम पटेल को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने घटना स्थल से धारदार हथियार, आरोपियों के जले हुए कपड़े, गाड़ियां, और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस ने इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग जुटाए और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।
समाज में संदेश
इस घटना ने समाज में ब्याज पर पैसे देने और लेने के खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। यह मामला यह संदेश देता है कि ब्याज पर पैसे देने-लेने के मामलों में पारदर्शिता और ईमानदारी आवश्यक है, अन्यथा इसका परिणाम गंभीर हो सकता है।
हरिराम पटेल की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले को सुलझाया, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है। आरोपियों ने ब्याज विवाद के कारण इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया, जो दर्शाता है कि ब्याज पर पैसे देने-लेने के मामलों में कितनी सतर्कता बरतनी चाहिए।

