Bhavyachhattisgarh newsBhavyachhattisgarh news
  • Kharsiya
  • CHHATTISGARH
  • RAIGARH
  • खरसिया ग्राम पंचायत में राशन गबन मामला: ग्रामीणों ने दोबारा जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
Search
  • Advertise
© 2022 Bhavyachhattisgarh News
Reading: छत्तीसगढ़ में हुई बच की खेती की शुरूआत,एक एकड़ में 1 लाख से भी अधिक आय
Share
Sign In
Notification Show More
Latest News
स्काई अलॉयज़ एंड पावर लिमिटेड द्वारा खरसिया ग्राम (कनमुरा ) में चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
CHHATTISGARH Kharsiya
खरसिया में कांग्रेस का बढ़ता जनाधार! विधायक उमेश पटेल के जनसंपर्क से प्रभावित होकर दर्रामुड़ा में 26 लोगों ने परिवार सहित थामा कांग्रेस का दामन
CHHATTISGARH Kharsiya
छाल में नन्हे कलाकारों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक, देवी-देवताओं के दिव्य स्वरूप और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा जनमानस
CHHATTISGARH RAIGARH
खरसिया मीना बाजार में महंगाई का झूला! ₹80 प्रति झूला वसूली पर उठे सवाल, आखिर आम जनता की जेब पर कब लगेगी लगाम?
CHHATTISGARH Kharsiya
ग्राम बंगुरसिया मेन रोड किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव साइन बोर्ड पर लटका मिला, जांच में जुटी चक्रधरनगर पुलिस
CHHATTISGARH RAIGARH
Aa
Bhavyachhattisgarh newsBhavyachhattisgarh news
Aa
  • Kharsiya
  • RAIGARH
  • CHHATTISGARH
  • Sarangargh bilaigarh
  • Raipur
Search
  • Kharsiya
  • CHHATTISGARH
  • RAIGARH
  • खरसिया ग्राम पंचायत में राशन गबन मामला: ग्रामीणों ने दोबारा जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Bhavyachhattisgarh news

छत्तीसगढ़ में हुई बच की खेती की शुरूआत,एक एकड़ में 1 लाख से भी अधिक आय

Ashwani Sahu
Ashwani Sahu September 22, 2023 CHHATTISGARH
Share
5 Min Read

रायपुर, 22 सितम्बर 2023/छत्तीसगढ़ में किसानों द्वारा बच की खेती की शुरूआत हो गई है, जो मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की पहल से संभव हुई है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 108 एकड़ में प्रायोगिक तौर पर बच की खेती की जा रही है, जिससे प्रति एकड़ 80 हजार रूपए से 1.00 लाख रूपए तक आय की प्राप्ति किसानों को होगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि बच उत्पादन से धान की अपेक्षा किसानों की आय में कई गुना वृद्धि की संभावना है।

इस तारतम्य में मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड श्री जे. ए. सी. एस. राव ने जानकारी दी कि बच एक औषधीय पौधा है, बेंगलोर के टूंकूर गांव के किसानों ने इसकी खेती में आने वाले समस्याओं के कारण इसका कृषिकरण कम कर दी है तो छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर बसे पेण्ड्रा जिले के गांव तथा खटोला, अनवरपुर, तुपकबोरा, मुरली और तेन्दुपारा के किसानों बच की खेती की विधि सीख ली है। इन्हें बोर्ड द्वारा निःशुल्क औषधीय पौधे एवं मार्गदर्शन मिला है। इधर महासमुंद जिले के बागबाहरा, तेन्दुकोना क्षेत्र के ओमकारबंध के किसानों ने भी बच के कृषिकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। अब तक लगभग छत्तीसगढ़ के 108 एकड़ से भी अधिक क्षेत्र में बच की खेती की जा रही हैं। किसानों द्वारा सकारात्मक रूप से बच को अपनाया जा रहा है, क्योंकि बहुत ही कम लागत में बच की खेती से अधिक लाभ की संभावना है।

बच की खेती के लिए बैंगलोर का एक गांव टंूकूर देश में प्रथम स्थान पर था। वहां इस औषधीय पौधे की व्यावसायिक खेती 3 से 4 हजार एकड़ में विस्तृत रूप से की जाती थी लेकिन यहां बच के कृषिकरण में किसानों को मजदूरी दर ज्यादा होने के कारण व पानी की समस्या एवं अन्य समस्याओं के कारण बच की खेती सिमट कर 106 एकड़ में आ गई है।

बच कृषिकरण तकनीक

- Advertisement -
Ad image

बच को धान के फसल के समान ही वानिकी खेती के रूप में अपनाया जा सकता है 1 इसकी बुआई धान के फसल के समान जुलाई से सितंबर माह तक की जाती है। एक एकड़ में रोपण हेतु 25 से 30 हजार पौधे की आवश्यकता होती है। इसकी फसल 8 से 9 माह में तैयार हो जाती है। फसल की कटाई अप्रैल से जून माह के मध्य किया जाता है। एक एकड़ से लगभग 1 से 3 टन तक उपज का उत्पादन संभावित होती है। बच की वर्तमान बाजार कीमत 50 से 60 रु प्रति किग्रा तक होती है। इस हिसाब से किसानों को एक एकड़ में 1 लाख से भी अधिक आय प्राप्त होती है।

प्रसंस्करण की विधि

बच के प्रकंद के 3 से 4 इंच के टुकड़ों में काटकर आशिक छाया क्षेत्र में सूखा लिया जाता है। इसके पश्चात् इसकी पालिशिंग मशीन से कराई जाती है, जिससे उत्पाद बाजार में विक्रय हेतु तैयार हो जाता है। बोर्ड द्वारा मार्केटिंग हेतु भी सुविधा प्रदाय की जाती है। जिससे किसानों को 15 दिनों में ही उपज का पैसा प्राप्त हो जाता है।

रोपण सामग्री की उपलब्धता

बच की खेती करने के लिए बच की पौधे की चिता की आवश्यकता नही है। पहले वर्ष रोपित किये जाने वाले पौधे राज्य शासन की योजना अंतर्गत बोर्ड के माध्यम से निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। प्रथम वर्ष में आवश्यकतानुसार 10 से 15 प्रतिशत पौधों को छोड़ दिया जाता है, जो कि 40 दिन में फिर से पौधा तैयार हो जाता है, जिसे रोपण सामग्री नर्सरी के रूप में अगले वर्ष रोपण के लिए उपयोग किया जाता है। शेष का संग्राहण कर लिया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक वर्ष रोपित किये जाने वाले पौधों की उपलब्धता बनी रहती है।

बच को छत्तीसगढ़ी में घोड़बंध या भूतनाशक के नाम से भी जाना जाता है। जिसका उपयोग त्वचा रोग, न्यूरोलाजिकल डिसआर्डर, पेट संबंधी बिमारी एवं हृदय रोग संबंधी दवाई बनाई जाती है। इसे कई रोगों में उपयोग किये जाने के कारण इसकी बाजार मांग अत्यधिक है।

भव्या छत्तीसगढ़ ईपेपर

[3d-flip-book id=”22426″ ][/3d-flip-book]

- Advertisement -
Ad image
Ashwani Sahu September 22, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Posted by Ashwani Sahu
Follow:
9770597735
Previous Article जूटमिल क्षेत्र के घर-घर जाकर मेयर और कमिश्नर ने की लोगों से चर्चा
Next Article जिले के प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक सम्पन्न

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

Latest News

स्काई अलॉयज़ एंड पावर लिमिटेड द्वारा खरसिया ग्राम (कनमुरा ) में चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
CHHATTISGARH Kharsiya October 18, 2026
खरसिया में कांग्रेस का बढ़ता जनाधार! विधायक उमेश पटेल के जनसंपर्क से प्रभावित होकर दर्रामुड़ा में 26 लोगों ने परिवार सहित थामा कांग्रेस का दामन
CHHATTISGARH Kharsiya October 18, 2026
छाल में नन्हे कलाकारों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक, देवी-देवताओं के दिव्य स्वरूप और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा जनमानस
CHHATTISGARH RAIGARH October 16, 2026
खरसिया मीना बाजार में महंगाई का झूला! ₹80 प्रति झूला वसूली पर उठे सवाल, आखिर आम जनता की जेब पर कब लगेगी लगाम?
CHHATTISGARH Kharsiya October 14, 2026
ग्राम बंगुरसिया मेन रोड किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव साइन बोर्ड पर लटका मिला, जांच में जुटी चक्रधरनगर पुलिस
CHHATTISGARH RAIGARH October 14, 2026

Popular Post

स्काई अलॉयज़ एंड पावर लिमिटेड द्वारा खरसिया ग्राम (कनमुरा ) में चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
CHHATTISGARH Kharsiya
खरसिया में कांग्रेस का बढ़ता जनाधार! विधायक उमेश पटेल के जनसंपर्क से प्रभावित होकर दर्रामुड़ा में 26 लोगों ने परिवार सहित थामा कांग्रेस का दामन
CHHATTISGARH Kharsiya
छाल में नन्हे कलाकारों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक, देवी-देवताओं के दिव्य स्वरूप और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा जनमानस
CHHATTISGARH RAIGARH
खरसिया मीना बाजार में महंगाई का झूला! ₹80 प्रति झूला वसूली पर उठे सवाल, आखिर आम जनता की जेब पर कब लगेगी लगाम?
CHHATTISGARH Kharsiya
ग्राम बंगुरसिया मेन रोड किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव साइन बोर्ड पर लटका मिला, जांच में जुटी चक्रधरनगर पुलिस
CHHATTISGARH RAIGARH

Contact Us

Owner/Editor/विद्या कुमार चौहान

कार्यालय- मदनपुर बस्ती खरसिया जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) पिन-496661
9111207022
bhavyachhattisgarh@gmail.com
Bhavyachhattisgarh newsBhavyachhattisgarh news
Follow US

© 2022 Bhavyachhattisgarh News. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?