लघु फिल्म प्रतियोगिता का भव्य समापन, विजेताओं को ₹3.75 लाख की पुरस्कार राशि से किया सम्मानित; रूस से भी पहुंची फिल्म
रायगढ़, 3 अक्टूबर 2026। साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए “साइबर जागृति अभियान” के तहत आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का शनिवार को पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर जागरूकता पर आधारित शॉर्ट फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई।

“संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर आयोजित इस प्रतियोगिता को देशभर से जबरदस्त प्रतिसाद मिला। प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। खास बात यह रही कि भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्रतियोगिता में पहुंची।
युवाओं को साइबर जागरूकता का दूत बनाने पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के तहत चिन्हित 25 सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को रचनात्मक और रोचक माध्यमों से साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी देना रायगढ़ पुलिस की महत्वपूर्ण पहल है। युवाओं को केवल स्वयं साइबर अपराध से सुरक्षित रहने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें “साइबर जागरूकता के दूत” के रूप में तैयार किया जाना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें।

AI और तकनीक के जनहित में इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग यदि जागरूकता और जनहित के लिए किया जाए तो यह समाज को अधिक सुरक्षित बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। रायगढ़ पुलिस द्वारा युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को साइबर सुरक्षा के संदेश से जोड़ना इसी दिशा में सार्थक पहल है।
सात सप्ताह में करीब दो लाख लोगों तक पहुंचा अभियान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साइबर जागृति अभियान और फिल्म प्रतियोगिता की जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटल युग में साइबर अपराध एक नई चुनौती के रूप में सामने आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान चलाया गया।

उन्होंने बताया कि अभियान के सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न माध्यमों के जरिए करीब दो लाख लोगों को साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ा गया। इसी अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई।
162 फिल्मों में दिखी रचनात्मकता
प्रतियोगिता का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के गंभीर संदेश को युवाओं की रचनात्मकता और सिनेमा के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना था। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से आई 162 फिल्मों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, फिल्मों में साइबर ठगी, डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन अपराधों से बचाव जैसे विषयों को अलग-अलग रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।

प्रतियोगिता के निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन के लिए फिल्म निर्माण एवं कला क्षेत्र से जुड़े अनुभवी व्यक्तित्वों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया था। निर्णायक मंडल में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म “भूलन: द मेज़” के निर्देशक मनोज वर्मा, देश-विदेश में फिल्मी कार्यों के लिए पहचान बना चुके योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक सुनील चिपड़े शामिल रहे।

निर्णायकों के अनुसार प्रतियोगिता में प्राप्त फिल्मों की गुणवत्ता और रचनात्मकता प्रभावशाली रही। दोनों श्रेणियों में शीर्ष तीन फिल्मों का चयन करना चुनौतीपूर्ण रहा और कई प्रविष्टियों के बीच अंतर बेहद कम था।
दो श्रेणियों में इन फिल्मों ने हासिल किए स्थान
श्रेणी ‘अ’ — 3 से 6 मिनट
प्रथम — स्वपनिल कोटरीवार, फिल्म “दूसर छोर”
द्वितीय — होमेन्द्र कुमार, फिल्म “जरूरत”
तृतीय — प्रकाश पटेल, फिल्म “गुपचुप ठेला”
श्रेणी ‘ब’ — 1 से 3 मिनट
प्रथम — दीपक जायसवाल, फिल्म “एक्सेस लिंक”
द्वितीय — तुषार सोलंकी, फिल्म “Dial 1930”
तृतीय — समीर चन्द्रा, फिल्म “Golden Hour”
विजेताओं को ₹3.75 लाख की पुरस्कार राशि
श्रेणी ‘अ’ में प्रथम विजेता को ₹1 लाख, द्वितीय को ₹75 हजार और तृतीय विजेता को ₹50 हजार की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
इसी तरह श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को ₹75 हजार, द्वितीय को ₹50 हजार और तृतीय विजेता को ₹25 हजार की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।
इस प्रकार दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल ₹3.75 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
“The Cyber Trap” से दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई। पुलिस के अनुसार यह फिल्म लघु फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आमजन को साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।
फिल्म में एसएसपी शशि मोहन सिंह के साथ अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी सहित रायगढ़ पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी नजर आएंगे। फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।
रोटरी क्लब और Take 3 Studios का सहयोग
लघु फिल्म प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रतियोगिता के प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।
कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, अरुणधर दीवान, गुरूपाल भल्ला, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, रोटरी क्लब रायगढ़ अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, सचिव सुनील रामदास सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, गणमान्य नागरिक, चयनित प्रतिभागी, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे।
रायगढ़ पुलिस की इस पहल ने साइबर सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को फिल्म, रचनात्मकता और युवाओं की भागीदारी से जोड़ते हुए जनजागरूकता का एक अलग मंच तैयार किया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से मिली भागीदारी ने यह भी दिखाया कि साइबर अपराधों से बचाव का संदेश स्थानीय सीमाओं से आगे व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सकता है।

