खरसिया :- झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर विशेष अदालत के फैसले के बाद खरसिया विधायक उमेश नंदकुमार पटेल का बयान सामने आया है। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि केवल हमले में शामिल दोषियों को सजा मिलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की साजिश का भी खुलासा होना चाहिए।
उमेश नंदकुमार पटेल ने कहा कि झीरम घाटी में उनके पिता और तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल तथा उनके बड़े भाई दिनेश नंदकुमार पटेल सहित कांग्रेस के कई नेताओं की हत्या हुई थी। 25 मई 2013 की यह घटना छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास की सबसे गंभीर घटनाओं में शामिल है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी।
पटेल का कहना है कि अदालत का फैसला अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन झीरम कांड के पीछे यदि कोई व्यापक साजिश थी तो उसके सभी पहलुओं की जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान भी जरूरी है। उन्होंने इस दिशा में आगे की कानूनी लड़ाई जारी रखने और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
झीरम मामले की जांच को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। हालिया सार्वजनिक बहस में कांग्रेस नेताओं ने भी एनआईए की जांच के दायरे और कथित साजिश के पहलू को लेकर प्रश्न उठाए हैं।
विधायक उमेश नंदकुमार पटेल के लिए यह मामला केवल राजनीतिक इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि उनके परिवार से जुड़ी व्यक्तिगत त्रासदी भी है। उन्होंने कहा था कि अपने पिता के अधूरे सपनों को आगे बढ़ाना ही उनकी ओर से सच्ची श्रद्धांजलि है।
अब नजर इस बात पर है कि अदालत के फैसले के बाद झीरम घाटी हमले की कथित व्यापक साजिश, हमले की परिस्थितियों और अन्य अनुत्तरित सवालों को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।
झीरम घाटी हत्याकांड: उमेश पटेल नंदकुमार ने कहा—दोषियों को सजा के साथ साजिश का खुलासा भी जरूरी
