रायगढ़।रायगढ़ जिला अंतर्गत अड़बहाल में इन दिनों भक्ति की निर्मल धारा बह रही है, सार्वजनिक रूप से गांव के सहयोग से संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा की जा रही है, गांव के साथ साथ पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की भीड़ दिनों दिन बढ़ती जा रही है, कथा ब्यास पर साल्हेपाली के श्री पूर्णचंद्र वैष्णव महाराज विराजमान होकर अपने श्रीमुख से कथा का रसपान करा रहे हैं, उनके मुख से निकले अमृत वचनों को सुनकर लोग अपने आपको धन्य मान रहे हैं, श्री महाराज जी ने श्रीकृष्ण की बाल लीला एवं माखन चोरी का सचित्र वर्णन किया, महाराज जी ने बताया कि श्रीकृष्ण अपने सखा श्रीदामा मनसुखा एवं अन्य ग्वाल बाल के संग माखन चुराकर खाते थे इसलिए कृष्ण का एक नाम माखनचोर भी है, उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। भगवान कृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं की। बाल कृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे। नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज शिकायत आती थी। मां उन्हें कहती थी कि प्रतिदिन तुम माखन चुरा के खाया करते हो, तो वह तुरंत मुंह खोलकर मां को दिखा दिया करते थे कि मैया मैं नहीं माखन खायो। महाराज जी ने गिरि गोवर्धन की कथा का वर्णन किया, इसमें भगवान 56 प्रकार के भोग का सेवन करते हैं, 56 भोग भगवान को अर्पण करने के लिए अड़बहाल के प्रत्येक घरों से अपने यथाशक्ति श्रद्धानुसार 21 प्रकार, 11 प्रकार का प्रसाद की व्यवस्था करते-करते अत्यधिक मात्रा में 56 भोग भगवान को अर्पण किया गया।
श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण बाल-लीला, माखन चोरी एवं गिरी गोवर्धन वर्णन को एकाग्रता से सुना, गांव के नन्हे मुन्हे बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण एवं ग्वाल-वाल के वेश धारण किए एवं मटकी फोड़ कर माखन खाये, बाल कलाकारों पर भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
कथा श्रवण करने आए नंदेली के खगपति मालाकार ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से महाराज जी के कथा को खूब सराहा, उन्होंने कहा कि कि मनुष्य को हमेशा समय निकालकर धार्मिक सत्संग, एवं कथा श्रवण करना चाहिए, इससे मानव का कल्याण होता है। खगपति मालाकार के साथ नंदेली से लाल कुमार पटेल, प्रेमशंकर पटेल एवं सुनील पटेल, रायगढ़ उप सभापति तोड़ा राम मालाकार पुसौर उपसभापति शशिधर पटेल ने भी कथा श्रवण किये।
इस सार्वजनिक श्रीमद्भागवत कथा की अगुवाई कर रहे गांव के रामलाल पटेल, प्रहलाद सिदार, नपराज पटेल के मार्गदर्शन में एवं कन्हैया पटेल, राम पटेल, हेमराम, डोल एवं गांव के सभी ऊर्जावान साथियों के सहयोग से यह कथा सफलता की ओर अग्रसर हो रही है।
अड़बहाल (रायगढ़) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा ब्यास श्रद्धेय पूर्णचंद्र महाराज जी ने श्रीकृष्ण बाल-लीला का सचित्र वर्णन किया
